राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।जिले के आदिवासी इलाके में मलेरिया,निमोनिया और चमड़ी की बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब तक एक महीने में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। 12 लोग जिला अस्पातल में भर्ती हैं। एक महिला भी शामिल है। पूर्व संासद कंकर मुुुजारे ने कहा कि सरकार विकास के बड़े बड़े दावे कर रही है लेकिन गांव वाले नाले का पानी पीने को मजबूर है। अस्पताल में 47 लोग भर्ती है,जो बताता हैे कि स्वास्थ्य विभाग ही अस्वस्थ्य हो गया है। अडोरी पंचायत के बोंदारी, कुंडेकसा और अडोरी गांवों में इन बीमारियों की वजह से अब तक सात बच्चों की जान जा चुकी है। कई बीमार लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खून की कमी के लक्षण मिले
शनिवार को 12 और लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। बच्चों को शिशु वार्ड और आईसीयू (ICU) में रखा गया है, जबकि महिला को महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है।सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि पिछले चार दिनों में कुल 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सभी की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीमार बच्चों में मलेरिया, निमोनिया, चमड़ी के रोग और खून की कमी के लक्षण मिले हैं।

अस्थायी अस्पताल बनाया गया
मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. परेश उपलप के मुताबिक, अडोरी पंचायत में बढ़ते मामलों को देखते हुए एक अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। यहां दो डॉक्टर्स के साथ स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं और हालात काबू में हैं।कुछ दिन पहले भोपाल और जबलपुर से भी स्वास्थ्य टीमों ने गांव का दौरा किया था। टीमों ने बच्चों की बीमारी पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

अब तक सात बच्चों की मौत
एक माह में सात बच्चों की मौत अब तक हो गयी है।अडोरी पंचायत के बोदांरी गांव में 03 बच्चे, कोहनीमोर में 02 बच्चे और कुंडेकसा गांव में 02 बच्चे की मौत हुई है। सरपंच परसराम धुर्वे के अनुसार पंचायत क्षेत्र के गांव बोंदारी में सबसे पहले रूपलाल पिता बिसरू धुर्वे की 16 जून को मौत हुई। 26 जून को कोहनीमोर के शाहील और 27 जून को उसकी बहन लमनीन पिता समरू धुर्वे की मौत हुई। उसके बाद 22 जुलाई को कुंडेकसा की प्र्रीति मरकाम और 26 जुलाई को बोंदारी की पूजा मरकाम की मौत हुई। गंभीर बात यह कि स्वास्थ विभाग की निगरानी व जांच के बाद भी बच्चों की मौत का सिलसिला नही रूका। 01 अगस्त को बोंदारी के सचीन मरकाम तथा 06 अगस्त को कोंडेकसा के अरविंद धुर्वे की मौत हुई।
ग्रामीण नाले का पानी पी रहेें
अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों का हाल जानने शनिवार को पूर्व सांसद कंकर मुंजारे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से बात की।पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि एक ही गांव के 6 बच्चों का एक माह के भीतर मृत्यु हो जाना और 47 बच्चों का अस्पताल में भर्ती होना सरकार की खामी का प्रमाण है। स्वास्थ्य अमला नकारा साबित हो गया है। गांव के लोग नाले का पानी पी रहे हैं। जाहिर है कि सरकार स्वच्छ पानी नहीं मुहैया करा सकती है और दावे बड़े बड़े कर रही है।

प्रशासन ने ली ग्रामीणों की बैठक
अडोरी पंचायत के गांवों में बैगा समुदाय के लोगों में बीमारी फैलने के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए बैठक ली। एसडीएम (SDM) अर्पित गुप्ता ने बताया कि बीमार होने पर अस्पताल जाने के बजाय पंडा-पुजारियों से इलाज कराना गलत है।उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह और जांच को पहली प्राथमिकता दें। एसडीएम ने समाज के पुजारियों और मुखियाओं से भी अपील की कि वे लोगों को बीमारी के लक्षण दिखते ही पास के स्वास्थ्य केंद्र या कैंप में जांच कराने और अस्पताल पहुंचने के लिए समझाएं।