हेमेन्द्र क्षीरसागर, मानते हैं शारदेय नवरात्र हमारी सांस्कृतिक जड़ों, नैतिक मूल्यों और नारी शक्ति के सम्मान…
Category: विशेष लेख
मतदाता के मन का संदेह दूर करना ही असली चुनौती है
सौरभ वार्ष्णेय के अनुसार लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने में नहीं, बल्कि मतदाता के विश्वास…
लेखन, लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों के सामने खड़े अनगिनत सवाल
डॉ. सेवाराम त्रिपाठी के लेख का मूल संदेश यह है कि आज समाज में मानवीय मूल्यों,…
वोट से विश्वास तक ज्ञानेश के सामने सबसे बड़ी परीक्षा
‘वोट चोरी’ से शुरू हुआ विवाद अब चुनाव आयोग के भीतर की असहमति, डिजिटल वोटर डेटा…
लकड़ी में जीवन गढ़ते
विश्वाश हलवाई बता रहे हें कि जंगलों के बीच पली-बढ़ी संस्कृति के लिए लकड़ी महज एक…
ज़िंदगी के हवाई अड्डे और घंटा घर \ विशेष लेख
डॉक्टर सेवाराम त्रिपाठी बता रहे हैं व्यक्ति को अपने आप को ही दांव पर लगाना पड़ता…
ज़िन्दगी की शाम हो गयी मगर.. यादों का उजाला है \ विशेष लेख
चन्द्रवती शुक्ला बता रही है,समकालीन उर्दू शायरी में बशीर बद्र एक ऐसे जगमगाते हुए नक्षत्र का…
महान लेखकों के लिखने के अजीबो गरीब अंदाज
एस के मिश्रा बता रहे हैं कि प्रसद्धि लेखकों के लिखने का समय हैरान करता है।काल…
सियासी पेड़ों से वोट झर रहे हैं\ विशेष लेख
डॉक्टर सेवाराम त्रिपाठी का मानना है कि नए दौर में चुनावों में वोट झर रहे हैं।…
पहाड़ के शब्द शिल्पी
पहाड़ी पन्नों के नायकों को भुलाया नहीं जा सकता।लोक से शिखर तक उत्तराखंड के लेखकों ने…