विशेष लेख Archives - rashtrmat.com

ज़िन्दगी की शाम हो गयी मगर.. यादों का उजाला है \ विशेष लेख

चन्द्रवती शुक्ला बता रही है,समकालीन उर्दू शायरी में बशीर बद्र एक ऐसे जगमगाते हुए नक्षत्र का…

महान लेखकों के लिखने के अजीबो गरीब अंदाज

एस के मिश्रा  बता रहे हैं कि प्रसद्धि लेखकों के लिखने का समय हैरान करता है।काल…

सियासी पेड़ों से वोट झर रहे हैं\ विशेष लेख

डॉक्टर सेवाराम त्रिपाठी का मानना है कि  नए दौर में चुनावों में वोट झर रहे हैं।…

पहाड़ के शब्द शिल्पी

पहाड़ी पन्नों के नायकों को भुलाया नहीं जा सकता।लोक से शिखर तक उत्तराखंड के लेखकों ने…

क्यों भटक रहे हो जंगल में नक्सली की पहचान लिए

राजेश पाठक बता रहे हैं कि जंगल में नक्सली बनकर अपनी पहचान बनाने वालों को अब…

किताब,कैमरा और बाजार \विशेष लेख

डॉक्टर सेवाराम त्रिपाठी बता रहे हैं कि हिंदी साहित्य और भारतीय सिनेमा का रिश्ता केवल मनोरंजन…

साहित्यिक आयोजनों में नैतिकता का हास \  संस्मरण

शशिबिन्दुनारायण मिश्र का मानना है कि साहित्यिक आयोजनों में अब नैतिकता का हास लगातार हो जा…

सच को झूठा बनाने की परियोजना

 डाॅ सेवा राम त्रिपाठी का कहना है कि इस समयविकास प्रक्रिया के अखंड प्रहसनों से देश…

मैत्रेयी पुष्पा का सौन्दर्य-बोध

सुन्दरता मनुष्य की कमजोरी है । मगर यह स्त्री की मजबूरी है क्योंकि सुन्दरता ही उसकी…

जेएनयू से पूछो कम्युनिस्ट हैं कहां..

बिहार की सभाओं में योगी ने पूछा था : दुनिया में कम्युनिस्ट हैं कहां? जेएनयू इसका…