राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में सेवानिवृत्त वन कर्मचारी को ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान न करने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार छबि पंत ने दक्षिण उत्पादन वनमंडल के एसडीओ दिनेश ठाकुर का शासकीय स्कॉर्पियो वाहन और कार्यालय के सात कंप्यूटर कुर्क कर लिए हैं।

उच्च न्यायालय की शरण ली
दरअसल, वन विभाग में पहले दैनिक वेतन भोगी के रूप में रफीक कुरैशी पदस्थ थे, जो बाद में पदोन्नत होकर वनरक्षक बन गए। वनरक्षक के पद पर सेवाएं देने के बाद वे सेवानिवृत्त हो गए।सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग से एकमुश्त राशि मिलना होता है, लेकिन विभाग की तरफ से वनरक्षक की तो राशि दिलवा दी गई, लेकिन नियमानुसार दैनिक वेतन भोगी की राशि नहीं दिलाई। जिसके बाद रफीक कुरैशी ने उच्च न्यायालय की शरण ली।
कुर्की करने की कार्रवाई की गई
उच्च न्यायालय की तरफ से वन विभाग को दो से तीन बार नोटिस भी जारी किए गए, इसमें विभाग समय मांगते रहा, पर इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद फिर न्यायालय ने 13 जुलाई को वन विभाग को आदेशित किया था कि रफीक कुरैशी को वनरक्षक की तरह ही दैनिक वेतन भोगी की राशि भी सेवानिवृत्त होने पर प्रदाय की जाए। जिसमें एक माह का समय दिया गया था, यह राशि प्रदाय नहीं की गई। इसके कारण तहसीलदार ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए दक्षिण उत्पादन वन मंडल बालाघाट कार्यालय पहुंचकर एसडीओ के वाहन पर कुर्की करने की कार्रवाई की गई। वाहन को कुर्की करने के बाद विभाग को ही सुपुर्दनामा कर दिया।

वर्षों से भटक रहा था कर्मचारी
यह पूरा मामला वन विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी मोहम्मद रफीक से जुड़ा है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें 6 लाख 16 हजार 846 रुपये की ग्रेच्युटी राशि का भुगतान नहीं किया गया था, जिसके लिए वे लंबे समय से प्रयासरत थे।
श्रम अधिकारी के आदेश का भी नहीं किया पालन
रफीक ने 2023 में श्रम अधिकारी, बालाघाट के समक्ष मामला दर्ज कराया था। वर्ष 2024 में श्रम अधिकारी दामिनी सिंह ने वन विभाग को 60 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया था। विभाग द्वारा आदेश न मानने पर कलेक्टर के निर्देश पर आरआरसी जारी की गई और पीड़ित ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
आठ महीने सीसीएफ कार्यालय रहा था बंद
बता दें कि जुलाई 2025 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर बालाघाट के मुख्य वन संरक्षक और दक्षिण उत्पादन वनमंडल कार्यालय को वूसली के आदेश के लिए सील कर दिया गया था, जो लगभग आठ महीने बंद रहने के बाद फरवरी 2026 में कोर्ट में 1.15 करोड़ रुपये जमा करने के बाद दोबारा दोनों कार्यालय के ताले खोले गए। इससे अनेक सारे कामकाज प्रभावित हुए। इस तरह की कार्रवाई पूर्व में होने के बाद भी वन विभाग में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। अब एसडीओ के वाहन को तहसीलदार ने कुर्की की कार्रवाई की है।
हाईकोर्ट के अल्टीमेटम के बाद हुई कुर्की
हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को बालाघाट तहसीलदार को 30 दिनों के भीतर आरआरसी पर कार्रवाई का आदेश दिया था। तहसीलदार छबि पंत ने बताया कि यदि वन विभाग समय रहते सेवानिवृत्त कर्मचारी को ग्रेच्युटी की राशि नहीं देता है, तो कुर्क की गई संपत्ति को नीलाम कर पीड़ित को राशि का भुगतान किया जाएगा।