बालाघाट मलेरिया,टायफाइड,डायरिया के गिरफ्त में,कांग्रेस मदद करेगी - rashtrmat.com

बालाघाट मलेरिया,टायफाइड,डायरिया के गिरफ्त में,कांग्रेस मदद करेगी

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी अंचल इन दिनों मलेरिया, टायफाइड, डायरिया और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों के गिरफ्त में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर गांव की सच्चाई से वाकिफ हुए। उन्होंने कहा कि सरकार की बातों से लगता है कि बैगा बस्ती में अच्छे दिन आ गए है। जबकि केवल कागजी विकास है। कांग्रेस 50-50 हजार आर्थिक मदद पीड़ित परिवार की करेगी।उन्होंने मछुरदा,अडोरी,बोंदारी,कोरका और कुंडेकसा गांवों में ग्रामीणों से चर्चा कर बीमारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।


प्रशासन मौत छिपा रहा
सिंघार ने मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात की और सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग जहां अब तक 8 बच्चों की मौत का आंकड़ा बता रहा है, वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि प्रभावित क्षेत्र में 19 बच्चों की मौत हुई है और इसके आंकड़े कांग्रेस पार्टी के पास मौजूद हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था,शुद्ध पेयजल और बच्चों में कुपोषण की स्थिति को लेकर भी चिंता जाहिर की। इस दौरान बैहर विधायक संजय उइके परसवाड़ा विधायक मधु भगत, विधायक विवेक विक्की पटेल, सुश्री हीना कावरे सहित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
काग्रेस 50-50 हजार मदद देगी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सरकार से सभी मृतकों के परिवारों को 10 से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। वहीं कांग्रेस नेता दल की ओर से मृतकों के परिवारों को 50.50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सिंघार ने गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और बच्चों में कुपोषण को लेकर भी चिंता जताई।


एक टीका के बाद नहीं लगा टीका
उन्होंने कहा कि बीमारी से प्रभावित बैगा परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पोषण और साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मीडिया से चर्चा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दूर दराज क्षेत्र में सरकार का कोई व्यक्ति आना नहीं चाहता। यहां के बैगा आदिवासी किस तरह से जीवन जी रहे हैं उसकी जानकारी सरकार लेना नहीं चाहता। विधानसभा में इस तरह से आंकड़े पेश किए जाते हैं जैसे धरातल पर सभी को सब सुविधा मिल रही है। मैंने बैगा परिवार से चर्चा की तो उनसे पूछा टीका लगा तो उन्होंने बताया एक टीका लगा उसके बाद कोई टीका नहीं लगा। इस क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप है सालों से मच्छरदानी नहीं बटी। मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम कागजो में चल रहा है।

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