राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की जेलेें सुधार गृह नहीं यातना गृह बन गयी है। यही वजह है कि पिछले पांच सालों में 375 कैदियों की मौत हो गयी है। सन् 2022 में सबसे अधिक 99 कैदियों की विभिन्न मामलों में मौत हुई। गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा मेंस्वीकार किया है कि अब तक 62 मामलों में जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है, जो जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

चिकित्सा सुविधाओं की पोल खोल दी
यह मुद्दा प्रदेश के मानवाधिकारों और जेल सुधारों से सीधे जुड़ा है। जेल अभिरक्षा में लगातार हो रही मौतों और जांच में हो रही देरी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की पोल खोल दी है,जिससे आम जनता और मानवाधिकार संगठनों में गहरा रोष है।
373 मामलों में न्यायिक जांच के आदेश
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के जवाब में गृह मंत्री ने 1 जनवरी 2021 से 25 जून 2026 तक का विवरण सदन में रखा। आंकड़ों के अनुसारए इन वर्षों में कुल 375 कैदियों ने जेल के भीतर दम तोड़ा है। इनमें से 373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। राहत की बात यह है कि 2021 और 2023 के सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी हैए लेकिन हालिया वर्षों के आंकड़े चिंताजनक हैं।
2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत
विशेष रूप से वर्ष 2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई थी। इसके अलावाए 2026 में अब तक 35 मौतें हो चुकी हैंए जिनमें से केवल 3 मामलों की जांच पूरी हो पाई है और 32 रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं। वहींए 2025 में हुई 55 मौतों में से 27 मामलों की जांच प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। विपक्ष ने लंबित रिपोर्टों को जल्द सार्वजनिक करने और जेलों में चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।विधानसभा में पेश इन आंकड़ों के बाद अब सरकार पर दबाव है कि वह लंबित जांच रिपोर्टों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे। यदि इन मौतों के पीछे कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।
सबसे ज्यादा 90 मौतें जेलों में
छत्तीसगढ़ के विविध जिलों की जेलों में वर्ष 2021 से लेकर 2026 तक कुल 375 कैदियों की मौतें हुई 373 मामलों की जांच के आदेश के पश्चात 62 मामले पेंडिंग हैए शेष मामलों की रिपोर्ट आ गई है।वर्ष 2026 में अब तक 35 मौतें जेलों में हुई है। इनमें से 3 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और 32 मामले लंबित है।वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा 90 मौतें जेलों में हुई।