राजेश पाठक बता रहे हैं कि जंगल में नक्सली बनकर अपनी पहचान बनाने वालों को अब…
Category: विशेष लेख
किताब,कैमरा और बाजार \विशेष लेख
डॉक्टर सेवाराम त्रिपाठी बता रहे हैं कि हिंदी साहित्य और भारतीय सिनेमा का रिश्ता केवल मनोरंजन…
साहित्यिक आयोजनों में नैतिकता का हास \ संस्मरण
शशिबिन्दुनारायण मिश्र का मानना है कि साहित्यिक आयोजनों में अब नैतिकता का हास लगातार हो जा…
सच को झूठा बनाने की परियोजना
डाॅ सेवा राम त्रिपाठी का कहना है कि इस समयविकास प्रक्रिया के अखंड प्रहसनों से देश…
मैत्रेयी पुष्पा का सौन्दर्य-बोध
सुन्दरता मनुष्य की कमजोरी है । मगर यह स्त्री की मजबूरी है क्योंकि सुन्दरता ही उसकी…
जेएनयू से पूछो कम्युनिस्ट हैं कहां..
बिहार की सभाओं में योगी ने पूछा था : दुनिया में कम्युनिस्ट हैं कहां? जेएनयू इसका…
एक नियामत है प्रश्नाकुल दिमाग़
प्रश्नों का सामना तो गौतम बुद्ध को भी करना पड़ा था। जरा-मृत्यु, सुख-दुःख के उत्तरों की…
सत्ता के गले में परेशानी की घंटी
आज सरकार की असहजता के पीछे कई कारण गिनाए जा सकते हैं। पहला, वह डर कि…
धर्म और सभ्यता की नगरी राजिम
मंदिरों को केवल धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है; वे अपने…
एकात्म मानववाद के पुरोधा,पं दीनदयाल उपाध्याय
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में जब साम्यवाद और पूंजीवाद का जन्म हुआ उस समय पंडित…