अतिक्रमण हटाने गई टीम के सामने महिलाओं ने विरोध कर कार्रवाई रोकी - rashtrmat.com

अतिक्रमण हटाने गई टीम के सामने महिलाओं ने विरोध कर कार्रवाई रोकी

 राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। शहर के वार्ड नंबर 23 में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रशासन जैसे ही बुलडोजर लेकर कार्रवाई के लिए पहुंचा, वैसे ही बड़ी संख्या में रहवासी एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और बुजुर्गों को आगे कर बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि एसडीएम, तहसीलदार सहित पूरा राजस्व अमला बिना कार्रवाई किए ही वापस लौट गया। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण की जद में करीब 65 मकान आ रहे हैं, जिनमें कई बेसहारा और बुजुर्ग परिवार वर्षों से रह रहे हैं।

62 परिवार वर्षों से  रह रहे

पॉवर हाउस मार्ग पर स्थित शासकीय भूमि का है, जहां लगभग 62 परिवार वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं। स्थानीय निवासी रेवतनबाई ने बताया कि जब उन्होंने यहां मकान बनाए थे, तब किसी ने आपत्ति नहीं की थी। अब जब उन्होंने अपनी जमा पूंजी से घर बनाए हैं, तो प्रशासन उन्हें तोड़ना चाहता है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन उन्हें वैकल्पिक जमीन या आवास उपलब्ध कराए, या फिर इसी जगह का पट्टा दे।

सांसद विधायक कोई नहीं आया

एक अन्य निवासी अखिलेश मरकाम ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव में वोट लेने के बाद अब उनकी समस्या पर मौन हैं। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आ रहा है, और प्रशासन की यह कार्रवाई गरीबों के साथ अन्याय है।एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि यह भूमि शासकीय है और इसे तहसील भवन के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक साल से इस अतिक्रमण को हटाने का प्रयास कर रहा है, ताकि परियोजना का काम पूरा हो सके, जिसके लिए राशि भी आ चुकी है। सोनी के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को चार बार बेदखली के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया।

कानूनी कार्रवाई कर हटाएंगे

एसडीएम ने बताया कि जब टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद उन्हें एक दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो कानूनी कार्रवाई कर इसे हटाया जाएगा।बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस बल जेसीबी मशीन के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। वहां उन्हें                        अतिक्रमणकारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने अपने घर खाली करने से साफ इनकार कर दिया और कार्रवाई रोकने के लिए जेसीबी के आगे खड़ी हो गईं। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी जान चली जाए, वे अपना आशियाना खाली नहीं करेंगी।

एफआई आर दर्ज होगी

कार्रवाई के दौरान एसडीएम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विरोध बढ़ता देख एसडीएम गोपाल सोनी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक कार्य में बाधा डाली गई तो संबंधित लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इधर, पूरे मामले में बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने कहा कि एक ओर प्रशासन भीषण गर्मी में लोगों को जरूरी काम के बिना घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहा है, वहीं दूसरी ओर गरीब और बेसहारा परिवारों के सिर से छत छीनने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता बरतने कहा है।