ट्रॉमा सेंटर में नवजात की मौत पर बवाल, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप - rashtrmat.com

ट्रॉमा सेंटर में नवजात की मौत पर बवाल, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार तड़के एक नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने महिला चिकित्सक और अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को लिखित शिकायत देने की समझाइश देकर मामला शांत कराया।

सीजर ऑपरेशन नहीं किया
  रुपझर थाना क्षेत्र की उकवा चौकी अंतर्गत ग्राम मोहंगांव खुर्द निवासी पंकज क्षीरसागर की पत्नी रेणुका को प्रसव पीड़ा होने पर 11 जुलाई की सुबह जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद विभिन्न जांच कराई गईं, लेकिन महिला चिकित्सक लगातार सामान्य प्रसव कराने की बात कहती रहीं। इस दौरान प्रसूता दर्द से तड़पती रही, फिर भी समय पर सीजर ऑपरेशन नहीं किया गया।
बच्चे की मौत की सूचना  दी गई
परिजनों के मुताबिक, 11 जुलाई से लेकर 13 जुलाई की रात तक प्रसव नहीं कराया गया। उनका कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल में विरोध जताया, तब देर रात रेणुका को ऑपरेशन थिएटर ले जाकर सीजर किया गया। 14 जुलाई को उसने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि नवजात को उन्हें दिखाया भी नहीं गया और सीधे आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत की सूचना  दी गई।
वैधानिक कार्रवाई की मांग
मृतक नवजात के परिजनों का कहना है कि यदि 11 या 12 जुलाई को ही समय पर सीजर ऑपरेशन कर दिया जाता और उचित उपचार मिलता, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। इसी आरोप को लेकर मंगलवार अलसुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच ट्रॉमा सेंटर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने उपचार में लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सक और संबंधित स्टाफ के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की।हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने परिजनों से पूरे मामले की लिखित शिकायत देने को कहा, ताकि नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
नवजात की मौत के बाद उठे सवाल
गौरतलब है कि जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नवजात की मौत के बाद उठे सवालों ने एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।