राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल/ उज्जैन(ब्यूरो)।मध्य प्रदेश के उज्जैन में छह साल पुरानी शाही मस्जिद तोड़े जाने पर बावाल हो गया। पथराव हुए। जिसमें दस लोग और महिला अफसर घायल हुई। दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी। वहीं तनाव की स्थिति निर्मित होने से बाजार बंद कर दिये गए हैं।

अफवाह फैलाने वाले पर कार्रवाई
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद पर कार्रवाई के बाद विवाद गहराता जा रहा है। पथराव और हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोल छोड़े।उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण अभियान में लोगों, धार्मिक संगठनों और समुदायों का सहयोग मिलना अब तक की सबसे सकारात्मक बात है। क्षत्रिय चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा भी इस पहल के तहत हटाया जा रहा है।सोशल मीडिया पर अफवाह और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मुस्लिम समाज और मस्जिद कमेटी की सहमति व सहयोग से सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र में आने वाले मस्जिद के हिस्से को हटाया जा रहा है। यह कदम आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने वाले एक समूह पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि शांति भंग करने की कोशिश में जिले के बाहर से आए पांच लोगों को सीमा पर ही गिरफ्तार किया गया है।
राेते हुए खुद तोड़ी मेहराब, अल्लाह से माफी मांगी
मुस्लिम वर्ग के कुछ लोग मस्जिद का हिस्सा तोड़ने के लिए राजी थे। उन्होंने हथौड़े से मेहराब तोड़ना शुरू किया तो रो पड़े। इसके लिए अल्लाह से माफी भी मांगी।मौके पर RAF और पुलिस बल की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

एआईएमआईएम प्रदेशाध्यक्ष गिरफ्तार
एआईएमआईएम के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल मोहसिन अली खान उज्जैन के नागझिरी थाने में हैं।शाही मस्जिद के आसपास स्थित सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, छत्री चौक, सती गेट, सराफा, लखेरवाड़ी, ढाबा रोड और गोपाल मंदिर के आसपास का बाजार पूरी तरह बंद है। इससे क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की जद से हटाने को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। मसूद ने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ बातचीत का दौर जारी है। मामले का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचें। मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज मस्जिद का मीनारा हटाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक समाज करीब तीन फीट जगह देने के लिए तैयार है, ताकि सड़क चौड़ीकरण को लेकर रास्ता निकाला जा सके।
मस्जिद आजादी से पहले से मौजूद होने का दावा
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद आजादी से पहले से वहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल को लेकर प्रशासन और समाज के बीच बातचीत के जरिए ऐसा समाधान तलाशा जाना चाहिए, जिससे विवाद और तनाव की स्थिति न बने।

मंदिर और मस्जिद को हटाने की स्थिति नहीं बनती
मसूद ने हनुमान मंदिर का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन को पहले से ऐसी तैयारी करनी चाहिए थी, जिससे मंदिर और मस्जिद दोनों को हटाने की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभालने की जरूरत है।
हाईकोर्ट में आज सुनवाई
मसूद ने बताया कि उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े मामले में इंदौर हाईकोर्ट की युगलपीठ में सोमवार दोपहर एक बजे सुनवाई प्रस्तावित है। उनके अनुसार, अर्जेंट हियरिंग के लिए मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत का रुख किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहले एकलपीठ में दायर याचिका खारिज हो चुकी है और अब उसके खिलाफ अपील पर सुनवाई होनी है।