राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। उन पर SIR से जुड़े करीब 14 फैसले दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लेने का आरोप है।रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव पैनल के भीतर SIR प्रक्रिया को लेकर बार-बार चिंता जताई थी।

सीमा खन्ना को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है।CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिका पर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग और DG (IT) सीमा खन्ना को नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट CEC को सस्पेंड नहीं कर सकता
संविधान में सुप्रीम कोर्ट को CEC को सस्पेंड करने की कोई स्पष्ट या विशेष शक्ति नहीं दी गई है। आर्टिकल 324 के तहत चुनाव कराने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है, लेकिन आयोग के फैसलों की कोर्ट में जांच हो सकती है। अगर कोई फैसला कानून या संविधान के खिलाफ पाया जाता है, तो सुप्रीम कोर्ट उस पर रोक लगा सकता है या उसे रद्द कर सकता है।