चार साल बाद राहुल मैरिज लॉन का अतिक्रमण हटा - rashtrmat.com

चार साल बाद राहुल मैरिज लॉन का अतिक्रमण हटा

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।बालाघाट के परसवाड़ा मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई की।चार साल बाद राहुल मैरिज लाॅन के सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन समाने आया। बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। लाॅन संचालक ने सरकारी भूमि वृक्षकुंज पर अवैध निर्माण कर उस पर कब्जा कर लिया था।संचालक ने करीब 65 डिसमिल सरकारी जमीन पर बाउंड्रीवाल और एक कमरे का निर्माण कर उसे मैरिज लाॅन में तब्दील कर दिया था।

राहुल मैरिज लॉन हटा दिया गया

अतिक्रमण वाले हिस्से की बकायदा पहचान करने के बाद लॉन के गेट, बाउंड्रीवाल और कमरे को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान परसवाड़ा तहसीलदार पूर्णिमा भगत, आरआई चंद्रकिशोर काकोड़िया और आंचलिक पटवारी सहित पूरा राजस्व अमला मौके पर मुस्तैद रहा।तहसीलदार पूर्णिमा भगत ने जानकारी दी कि परसवाड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम कुमनगांव के खसरा नंबर 32 की 65 डिसमिल शासकीय भूमि पर मीनाकुमारी पति शिवकुमार डोंगरे ने अतिक्रमण कर बाउंड्रीवाल बनाई थी, जिसे पूरी तरह हटा दिया गया है। इसी जगह पर राहुल मैरिज लॉन का संचालन हो रहा था।परसवाड़ा पंचायत के ग्राम बीजाटोला के समीप संचालित राहुल मैरिज लॉन के संचालक द्वारा अवैध रूप से कब्जा करते हुए शासकीय भूमि वृक्षकुंज पर अवैध निर्माण किया गया था।

मुहिम आगे भी जारी रहेगी

इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने लगभग ढाई लाख रुपए कीमत की सरकारी जमीन को भू-माफिया के चंगुल से मुक्त कराया है। तहसीलदार ने साफ किया कि परसवाड़ा में अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, इस अवैध अतिक्रमण को हटाने के आदेश करीब 4 साल पहले यानी 15 जुलाई 2022 को ही जारी हो चुके थे, लेकिन प्रशासन को इस पर अमल करने में इतना लंबा वक्त लग गया।

किराया वसूलने वालों पर होगी नजर

परसवाड़ा मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र जैसे बीजाटोला और सेरपार इन दिनों भारी अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिससे इलाके की सुंदरता बिगड़ रही है। मुख्यालय में शासकीय भूमि, छोटे झाड़ के जंगल, घास मद और आबादी भूमि पर भी लोगों ने अवैध कब्जे जमा रखे हैं। कुछ रसूखदारों ने तो सरकारी जमीनों पर दर्जनों कमरे बनाकर उन्हें किराए पर भी चढ़ा रखा है और मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।