राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला से रीवा का स्वास्थ्य विभाग नहीं संभल रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का कोई माई बाप नहीं है।कहां दावा करते हैं कि रीवा को मेडिकल हब बनाएंगे। आउट सोर्स के कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों की जबरिया सेलरी काटी जा रही है। आज संजय गांधी की ओपीडी ठप हुई है तो इसके लिए डिप्टी सीएम यानी स्वास्थ्य मंत्री ही दोषी हैं। केवल निर्माण कार्य की समीक्षा करने पर्याप्त नहीं है। कार्यप्रणाली की समीक्षा भी जरूरी है। जो मंत्री कार्यप्रणाली की समीक्षा नहीं करता वो जनता के विरोध का निशाना बनता है।

तीन महीने से नियमित वेतन नहीं
विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को आउटडोर ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो गईं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह तीन महीने से नियमित वेतन नहीं मिलना बताया जा रहा है।

तीन वर्षों से उनके साथ मनमानी
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में दो आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित कंपनी पिछले तीन वर्षों से उनके साथ मनमानी कर रही है। समय पर मानदेय नहीं दिया जाता और बार-बार वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन महीने से वेतन लंबित था। हाल ही में दो महीने का वेतन जारी किया गया, लेकिन उसमें भी एक महीने का वेतन रोक लिया गया।
अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की धमकी
कर्मचारियों ने बताया कि दीपावली जैसे त्योहार के समय पूरा वेतन नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उनका आरोप है कि जो कर्मचारी कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे नौकरी से निकालने और आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने तक की धमकी दी जाती है।

वेतन के लिए पहले भी हड़ताल हुई
कर्मचारियों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी वे वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर चुके हैं। उस समय हड़ताल के बाद कंपनी ने एक महीने का वेतन खाते में डाल दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर पुराना रवैया शुरू हो गया।
प्रबंधन की चुप्पी, मरीजों की बढ़ी परेशानी
इस पूरे मामले में जब मेडिकल कॉलेज के डीन से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फिलहाल जानकारी एकत्रित करने की बात कहकर बाद में जवाब देने की बात कही। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।

मरीजों को भटकना पड़ रहा है
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल प्रबंधन और आउटसोर्स कंपनियों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आखिर मरीज क्यों भुगतें? संजय गांधी अस्पताल में रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने से दूर-दराज से आए मरीजों को भटकना पड़ रहा है।अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित आउटसोर्स कंपनियां कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या का समाधान कब तक करती हैं और मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं कब बहाल हो पाती हैं।