राष्ट्रमत न्यूज,रीवा/मऊगंज(ब्यूरो)।मऊगंज जिले में दीपावली से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ बाजार में निरीक्षण अभियान चलाया। रविवार की शाम हुई इस कार्रवाई में संगम स्वीट्स और ठाकुर डेयरी की जांच की गई। दोनों प्रतिष्ठानों में कमियां सामने आने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे गए। हालांकि, शहर की सैकड़ों मिठाई और डेयरी दुकानों के बीच कार्रवाई सिर्फ दो प्रतिष्ठानों तक सीमित रहने से अभियान के दायरे और प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

मिल्क केक, लड्डूके नमूने लिए गए
कलेक्टर राजेश कुमार ओंगरे के निर्देश पर फूड इंस्पेक्टर अमित तिवारी और नायब तहसीलदार नीरज दुबे की टीम ने सबसे पहले संगम स्वीट्स का निरीक्षण किया। यहां से मिल्क केक, लड्डू और अन्य मिठाइयों के नमूने लिए गए। टीम को दुकान में साफ-सफाई की स्थिति भी असंतोषजनक मिली। इस पर संचालक को व्यवस्था में सुधार के लिए नोटिस जारी करने की बात कही गई।

दूध में कचरा, मच्छर और मक्खियां पाई गईं
इसके बाद टीम ठाकुर डेयरी पहुंची। यहां करीब एक हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंक और दूध रखने वाले कंटेनरों की जांच की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दूध में कचरा, मच्छर और मक्खियां पाई गईं। इसके नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए हैं। वहीं, डेयरी संचालक संतोष सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी। कंटेनर खुलवाने के दौरान मक्खियां गिरी थीं।

कार्रवाई के तरीके *पर सवाल
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा सवाल टैंक में रखे दूध को लेकर सामने आया। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि दूध में गंदगी मिलने के बावजूद टैंक का पूरा दूध नष्ट नहीं कराया गया। केवल नमूने लेकर छोड़ दिया गया। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि दूध की बिक्री रोकने या उसे नष्ट कराने के लिए क्या कदम उठाए गए।वहीं, नमूनों और जब्त सामग्री को ले जाने के लिए नगर पंचायत के लिफ्ट वाहन का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। इस व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए।
बाकी दुकानों की जांच कब होगी?
मऊगंज बाजार में बड़ी संख्या में मिठाई, मावा, पनीर और डेयरी उत्पादों की दुकानें संचालित हैं। ऐसे में नागरिकों का सवाल है कि जांच अभियान केवल दो प्रतिष्ठानों तक क्यों सीमित रहा? क्या अन्य दुकानों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की जाएगी?

नियमित रूप से जांच हो
फिलहाल, प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही लिए गए नमूनों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। नागरिकों की मांग है कि त्योहार के दौरान ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से सभी मिठाई दुकानों और डेयरियों की जांच हो, ताकि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के साथ आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी की जा सके।