राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)। भोपाल में जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना (TADP) की संचालक आईएएस अधिकारी नेहा माराव्या के व्यवहार से नाराज होकर कर्मचारी और अधिकारी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। नेहा मराव्या पर बदसलूकी, इंक्रीमेंट रोकने, बार-बार नोटिस देने और सस्पेंड करने की धमकी देने का आरोप लगाया। विरोध में पेन डाउन कर काम बंद रखा।

इंक्रीमेंट नहीं लगाया गया
पेन डाउन में 100 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। IAS नेहा मराव्या TADP के अलावा TRI, आदिवासी वित्त एवं विकास निगम और MAPSET की भी MD हैं। आरोप है कि इन सभी संस्थाओं के 100 से अधिक अधिकारियों का इंक्रीमेंट नहीं लगाया गया है।
मीटिंग रूम से भगा दिया
अपर आयुक्त संजय वार्ष्णेय ने बताया- गुरुवार को 2017 से संचालित एक योजना को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में दूसरे विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान अपर संचालक स्तर की 2 महिला अधिकारियों को डांटकर मीटिंग रूम से बाहर भगा दिया गया था।
राशि खातों में नहीं पहुंची
आंदोलन में शामिल अपर संचालक रीता सिंह ने आरोप लगाया कि आहार अनुदान योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय की करीब 2.40 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए दिए जाते हैं। अगस्त की करीब 30 करोड़ रुपए की राशि अब तक उनके खातों में नहीं पहुंची है।

जवाब नहीं देने पर डांट लगाई
महिला अपर संचालक शिवानी गुप्ता ने आरोप लगाया- लोकसभा के एक सवाल की जानकारी उनके पास नहीं थी। इसके बाद उन्हें बुलाकर जवाब नहीं देने पर डांट लगाई गई। उन्होंने दिल्ली से संबंधित जानकारी मंगवाकर उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें फटकार लगाई गई।
पुराने रिकॉर्ड मांगने का आरोप
सहायक संचालक किशोरी करंदीकर का आरोप है कि योजनाओं की शुरुआत से संबंधित 40-50 साल पुराने रिकॉर्ड भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा जाता है। अगर कोई योजना 1974 में शुरू हुई है तो उसके शुरुआती वर्षों का रिकॉर्ड भी तत्काल मांगा जाता है।उनका कहना है कि- इतने पुराने दस्तावेज जुटाने में स्वाभाविक रूप से समय लगता है।