राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के वारासिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास नहर में मंगलवार को एक इंडियन गौर का शव बरामद किया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए गौर के शव को नहर से बाहर निकाला। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि यह शव 18 अक्टूबर 2026 को इसी क्षेत्र में रेस्क्यू किए गए दो नर इंडियन गौर के शवों के साथ बहकर आया होगा।

गुजर रहे लोगों को तेज बदबू आई
बालाघाट के वारासिवनी में मंगलवार को बड़ी नहर से एक और गौर का सड़ा-गला शव मिला। इसी जगह 18 अक्टूबर को दो गौर के शव मिले थे। वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।नहर के पास से गुजर रहे लोगों को तेज बदबू आई। उन्होंने आसपास देखा तो पानी में गौर का शव दिखाई दिया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
अंतिम संस्कार कर दिया गया
वन अमला मौके पर पहुंचा और क्रेन की मदद से शव बाहर निकाला।बताया गया कि नहर में पानी कम होने के बाद शव दिखाई दिया। इससे पहले इसकी तलाश नहीं हो पाई थी। वन विभाग के कार्यालय में पोस्टमार्टम के बाद गौर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मौत की वजह भी अब तक सामने नहीं आई
18 अक्टूबर को मिले दो गौर के शवों का भी पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया था। उन दोनों की मौत की वजह भी अब तक सामने नहीं आई है।वन्यजीव प्रेमी सिकंदर मिश्रा ने जिले में वन्यजीवों की मौत और शिकार की घटनाएं बढ़ने की बात कही। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की गंभीरता पर सवाल उठाए।
कुछ दिन पहले दो गौर के शव मिले थे
ग्राम वारा के रहवासियों की ओर से भी करीब एक सप्ताह पहले वारासिवनी वन विभाग को गौर की मौत और नहर से आ रही बदबू की सूचना देने की बात कही गई है।आरोप है कि विभाग के जिम्मेदारों ने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, इस संबंध में वन विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है।डीएफओ मित्यानंद एल ने बताया कि इसी नहर से कुछ दिन पहले दो गौर के शव मिले थे। मंगलवार को सूचना मिलने पर एक और गौर का शव बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।