पचास लाख के नकली नोट के साथ ठग प्रयागराज स्टेशन में पकड़ा गया - rashtrmat.com

पचास लाख के नकली नोट के साथ ठग प्रयागराज स्टेशन में पकड़ा गया

राष्ट्रमत न्यूज,प्रयागराज(ब्यूरो)। राजस्थान के रहने वाले रामनिवास रावत के पास से पुलिस ने 50 लाख रुपए के नकली नोट बरामत किया। आरोपी यहां यात्रा करने वालों को अपना निशााना बनाया करता था। राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी ने मंगलवार को प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर घेराबंदी करके ठग रामनिवास को गिरफ्तार किया। जो देश के व्यस्त रेलमार्गों पर सफर करके यात्रियों और व्यापारियों को ठगता था। मिलने वाले रुपयों को अपने शौक में उड़ाया करता था।

50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद

आरोपित के कब्जे से पुलिस ने 50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए। नकली नोटों की 500-500 के नोटों की गड्डियां थीं। इन्हें सफेद पारदर्शी प्लास्टिक में पैक किया गया था। पकड़ा गया आरोपित 20 वर्षीय रामनिवास राजस्थान के बीकानेर जिले के नापासिर थाना क्षेत्र के गजरूप देसर का रहने वाला है।

लोगों को अपना निशाना बनाता था

पकड़े गए अपराधी के तौर-तरीकों ने पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। जीआरपी प्रयागराज के प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने नेटवर्क और आरोपित के कबूलनामे का खुलासा करते हुए बताया, यह कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि एक बेहद शातिर दिमाग ठग है जो भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों को अपना निशाना बनाता था।

महंगे शौक पूरे करने में खपाता था पैसा 

प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि यह ट्रेन के भीतर और स्टेशनों के आसपास सक्रिय रहता था। लोगों को जरा भी शक न हो, इसलिए इसने नोटों को पारदर्शी प्लास्टिक में इस तरह पैक किया था कि दूर से देखने पर वे बिल्कुल बैंक से निकली नई गड्डियां मालूम पड़ती थीं। इस अवैध धंधे से कमाए गए पैसों को वह ऐशोआराम की जिंदगी जीने और महंगे शौक पूरे करने में खपाता था।

जंक्शन पर ऐसे बिछाया गया जाल

जीआरपी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर मुस्तैद थी। इसी दौरान दिल्ली साइड एंड की तरफ लगे जंक्शन बोर्ड के पास, चिलबल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर दोपहर करीब 1:15 बजे एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैग लिए बैठा दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

नकली नोटों की गड्डियां थमा देता था

पूछताछ में इसने बताया कि वह दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से 500 रुपये के नकली नोटों की गड्डियों को अपने बैग में भरकर निकलता था। इसका मुख्य रूट दिल्ली से वाया प्रयागराज होते हुए कोलकाता तक का था। सफर के दौरान यह ऐसे लोगों को चिन्हित करता था जो सीधे या लालच में आने वाले हों। यह उन्हें अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर, किसी मजबूरी या सस्ते में नोट बदलने का झांसा देकर नकली नोटों की गड्डियां थमा देता था। इसके बदले में उनसे कड़कड़ाते हुए असली नोट लेकर रफूचक्कर हो जाता था।