शिक्षा विभाग में ईअटेंडेस से उपस्थिति नहीं लगाने पर 225 कर्मियों को नोटिस - rashtrmat.com

शिक्षा विभाग में ईअटेंडेस से उपस्थिति नहीं लगाने पर 225 कर्मियों को नोटिस

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में शिक्षकों को सख्त आदेश है कि वो अपनी उपस्थिति ई अटेंडेस प्रणाली के तहत ही लगाए।  रिपेार्ट के अनुसार 225 शिक्षकों ने ई अटेंडेस के जरिये अपनी उपस्थिति नहीं लगाई। इस वजह से उन्हें नोटिस दिया गया है।


शिक्षकों ने आदेश को दरकिनार किया
डीईओ धनश्री जैन ने इस पर सख्त रवैया अपनाया है।राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिये शिक्षको की उपस्थिति को अनिवार्य माना है। इसे लेकर ही ईअटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है। लेकिन जैसे ही प्रणाली लागू हुई शिक्षको ने इसका पूरजोर विरोध किया था। लेकिन सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और बच्चों का पढ़ाएं। लेकिन बालाघाट में 225 शिक्षको को जारी हुई नोटिस से स्पष्ट है कि शिक्षक इस मामले में गंभीर नहीं है।
प्राचार्य,व्याख्याता को भी नोटिस
नोटिस मिलने वालों में 225 शिक्षक ही नहीं बल्कि प्राचार्य,व्याख्याता,उच्च माध्यमिक शिक्षक और लिपिक जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी शामिल हैं। सवाल यह है कि जब प्राचार्य ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में विफल है तो वह अपने अधीन कार्यरत शिक्षकों को अनुशासन का पाठ कैसे पढ़ाएगा। यह प्रश्न न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बल्कि उन प्रशासनिक अधिकारियों की दक्षता पर भी सवाल उठाता है,जिनके कंधों पर जिले की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा है।


कई स्थापित स्कूलों में अनुशासन नहीं
सूची में केवल ग्रामीण अंचल के स्कूल ही नहीं, बल्कि बालाघाट जिले के प्रमुख संस्थान जैसे शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय,पीएमश्री विद्यालय और संदीपनी विद्यालय जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। जिन संस्थानों को आदर्श माना जाता है वहां के कर्मचारियों की यह कार्यशैली पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। बालाघाट, कटंगी,किरनापुर, लांजी, लालबर्रा, खैरलांजी और वारासिवनी जैसे विकासखंडों से इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज न होना यह संकेत देता है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं ढिलाई का खेल चल रहा है।

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