राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। कारोबारियों ने कहा- रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे 20 बड़े बाजार हैं, जहां ट्रैफिक डायवर्जन व बैरिकेडिंग से कामकाज ठप हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह जानबूझकर रैली की तारीख बदलने से इनकार कर रहे हैं।

तारीख बदलने की मांग की
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी एक सोची-समझी रणनीति के तहत 1 नवंबर को ही रैली करने पर अड़े हुए हैं।उनके मुताबिक, 1 नवंबर को रैली करने से 1984 के सिख विरोधी दंगों की यादें ताजा होंगी और सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। उधर, दिल्ली के व्यापारियों ने भी रैली की तारीख बदलने की मांग की है।

सीटीआई ने राहुल गांधी को लिखा पत्र
इस बीच, दिल्ली के व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने भी राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख बदलने की मांग की है। संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल ने आग्रह किया है कि रामलीला मैदान में होने वाली रैली 10 नवंबर यानी भाई दूज के बाद कराई जाए। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है और ऐसे समय में रैली से कारोबार प्रभावित हो सकता है।
कनॉट प्लेस समेत 8 बड़े बाजार
संगठन ने दिवाली फेस्टिवल सीजन में 10 हजार करोड़ रुपए के व्यापारिक नुकसान की चेतावनी दी है। दरअसल, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में SIR और ज्ञानेश कुमार के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली है। रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और कनॉट प्लेस समेत 8 बड़े बाजार हैं। व्यापारी संगठन मुताबिक 2025 में इन बाजारों में दिवाली पर त्योहारी बिक्री 75000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।
व्यापारियों ने कहा
धनतेरस, दीपावली और भैया दूज के दौरान दिल्ली में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का बड़ा कारोबार होता है।दावा किया गया कि रैलियों और रास्ते बंद होने से दिल्ली के व्यापारियों को अक्टूबर में पहले ही लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। कारोबारियों ने कहा- रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे 20 बड़े बाजार हैं, जहां ट्रैफिक डायवर्जन व बैरिकेडिंग से कामकाज ठप हो सकता है।