राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।पंचायतों में उपेक्षा, अधिकारों में कटौती और शासन के आदेशों का पालन नहीं होने से नाराज ग्रामीण पटेल कल्याण संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने प्रदेश सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सरकार के प्रति नाराजगी
शनिवार को बालाघाट नगर के बस स्टैंड स्थित धर्मशाला में ग्रामीण पटेल कल्याण संघ की बैठक आयोजित हुई। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पटेलों, महिला पटेलों और मुकद्दमों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक में मध्यप्रदेश में भी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की तर्ज पर ग्रामीण पटेलों को अधिकार, सम्मान और मानदेय देने की मांग उठाई गई। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से मांगें उठाने के बावजूद शासन स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे पटेलों में सरकार के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
जिम्मेदारियां कमजोर कर दी
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पटेल गांव की व्यवस्था और राजस्व संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, लेकिन समय के साथ उनके अधिकार और जिम्मेदारियां कमजोर कर दी गईं। संगठन का आरोप है कि दूसरे राज्यों में ग्रामीण पटेलों के पद, दायित्व और सम्मान को बरकरार रखा गया है, जबकि मध्यप्रदेश में उनकी भूमिका सीमित होती चली गई। अब संगठन चाहता है कि पूर्व में प्राप्त अधिकारों को बहाल करने के लिए सरकार स्पष्ट निर्णय ले और आवश्यक राजपत्र जारी करे।पटेलों ने कहा कि उनकी मांग केवल मानदेय तक सीमित नहीं है। वे अपने पद की पहचान, प्रशासनिक व्यवस्था में भागीदारी और पंचायतों में सम्मानजनक स्थान चाहते हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बार भी मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।