राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)।मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है।लेकिन उनके उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी के अंदर विरोध स्वर उठने लगे हैं।हुजूर विधानसभा से दो बार प्रत्याशी रह चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सभी नेताओं की सहमति नहीं बन पाई है। वहीं छिंदवाड़ा के कांग्रेस विधायकों ने क्रास वोटिंग की आशंकाओं को खारिज किया है।कई विधायकों का कहना है कि कमलनाथ या फिर दिग्विजय सिंह ज्यादा बेहतर है मीनाक्षी की तुलना में। इस बीच बीजेपी ने भी कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को लेकर निशाना साधा है।

मीनाक्षी सभी की सहमति नहीं बन पाई
नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेतृत्व के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से बड़ी चूक हुई है।उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी पार्टी नेतृत्व को संदेश भेजकर उम्मीदवार चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी थी, क्योंकि प्रदेश में क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी हुई है।ज्ञानचंदानी ने दावा किया कि यदि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को दोबारा उम्मीदवार बनाया जाता तो कांग्रेस की सीट अधिक सुरक्षित रहती। उनके अनुसार, दिग्विजय सिंह की विधायकों पर मजबूत पकड़ है और मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सभी नेताओं की सहमति नहीं बन पाई है।
कमलनाथ के नाम की भी थी चर्चा
राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कुछ समय से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के नाम की भी चर्चा चल रही थी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा था कि पार्टी अपनी सीट सुरक्षित रखने और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करने के लिए कमलनाथ को राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने मीनाक्षी नटराजन के नाम पर मुहर लगाकर इन अटकलों को विराम दे दिया।