राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत अडोरी से अपनी जमीन और रोजी.रोटी बचाने की उम्मीद लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों को जनसुनवाई से पहले ही नई मुसीबत का सामना करना पड़ा। करीब 100 किलोमीटर का सफर तय कर अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुंचाने निकले ग्रामीणों का वाहन बैहर चैकी के पास यातायात पुलिस ने रोक लिया। ओवरलोड की वजह से पुलिस ने पिकअप वाहन पर चालानी कार्रवाई की और सभी ग्रामीणों को बीच रास्ते में ही उतार दिया। मजबूरन महिलाएं बुजुर्ग और किसान पैदल ही जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुए।

आर्थिक और मानसिक परेशानी हुई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे कोई सैर.सपाटा करने नहीं, बल्कि वर्षों से जिस जमीन पर खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं, उसे बचाने की गुहार लेकर कलेक्टर से मिलने जा रहे थे। गांव के लोगों ने चंदा जुटाकर एक पिकअप वाहन किराए पर किया था। ताकि सभी लोग एक साथ जिला मुख्यालय पहुंच सकें। लेकिन रास्ते में हुई चालानी कार्रवाई ने उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी दोनों बढ़ा दी।
वाहन का चालान भरना पड़ा
ग्रामीण कुंजूलाल,केजव यादव, ग्राम पंचायत अडोरी के सरपंच परशराम धुर्वे और रेत सिंह ने बताया कि गांव के कई परिवार वर्षों से चरागाह एवं वन भूमि पर खेती कर रहे हैं। अब वन विभाग उन्हें वहां से हटाने की बात कह रहा है। जबकि उनके पास आजीविका का कोई दूसरा साधन नहीं है। इसी मांग को लेकर वे जनसुनवाई में जा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। उन्हें फिर यातायात थाने जाकर वाहन का चालान भरना पड़ा। देर शाम चालान जमा होने के बाद वाहन छोड़ा गया। इसके बाद कुछ ग्रामीण उसी पिकअप से गांव लौटे। जबकि कई लोगों को मजबूरी में बसों और अन्य साधनों से वापस जाना पड़ा।
नियमानुसार चालान काटा गया
यातायात पुलिस का कहना है कि पिकअप वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। सड़क सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई करना आवश्यक था। इसलिए नियमानुसार चालान काटा गया।