राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम आदिवासी अंचलों में आवागमन को बेहतरी के लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने एक सार्थक पहल की।आदिवासी अंचलों में सात पुल करोड़ों की लागत से बनेंगे। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक आर्य ने क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निमाण योजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है और टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

सात पुल बनेंगे आदिवासी क्षेत्रों में
स्वीकृत पुलों में परसवाड़ा विकासखंड के घोड़ादेही.सुकरी मार्ग पर 2 करोड़ 25 लाख 84 हजार रुपये, टिकरिया.डेंडवा मार्ग पर 2 करोड़ 90 लाख 41 हजार रुपये, बैहर विकासखंड के माना.लपटी मार्ग पर 2 करोड़ 88 लाख 39 हजार रुपये, बिरसा विकासखंड के सलघट पहुंच मार्ग पर 3 करोड़ 1 लाख 14 हजार रुपये, मुरकुट्टा मार्ग पर 4 करोड़ 7 लाख 27 हजार रुपये तथा बिरसा.भूतना मार्ग पर 2 करोड़ 52 लाख 74 हजार रुपये की लागत से पूर्व में क्षतिग्रस्त एवं जर्जर हो चुके पुलों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य स्वीकृत पुल सहित कुल सात पुलों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
टेंडर के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा
सात पुलों के निर्माण से बरसात में संपर्क बाधित होने की समस्या समाप्त होगी। ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल, स्कूल, शासकीय कार्यालय और कृषि उपज के परिवहन के लिए बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क इकाई क्रमांक.01 के महाप्रबंधक तोविंद्र सिंह जौहरे ने बताया कि सभी स्वीकृत पुलों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिले के इन महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण के लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने सार्थक पहल की।