राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। जिले के त्योंथर क्षेत्र में टमस नदी,बेलन नदी तथा नैना नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले 48 घंटों में हुई तेज बारिश के कारण नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। तराई क्षेत्र में रुक रुककर बारिश और डैम के गेट खुलने से नदियों बौरा गयी हैं। तराई अंचल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

जिले में कई नदियां उफान पर
रीवा सहित आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही रुक.रुककर बारिश और बांधों के गेट खोले जाने के बाद जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बिछिया,बीहर, बेलन, महाना और टमस नदी उफान पर हैं। सबसे ज्यादा असर बेलन नदी में देखने को मिल रहा है। जहां जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने एहतियातन एसडीआरएफ की टीम तैनात कर दी है और नदी किनारे जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

रीवा में बाढ़ का अंदेशा
बिछिया,बीहर का पानी बढ़ रहा है। शहर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सन् 1997 जैसी स्थिति निर्मित होती जान पड़ रही है। यदि दो तीन दिन पानी अनवरत गिरता रहा तो रीवा की नीचली बस्तियों में लोगांे के घरों में पानी घुसना तय है। इसके साथ ही एक बार फिर रीवा में बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी।

अंदवा डैम के छह गेट खुले
मिर्जापुर क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद अंदवा डैम के छह गेट खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। तराई अंचल के कई गांवों में नदी का पानी बढ़ने से संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पुल के खतरे के निशान तक पहुंचा पानी
त्योंथर में बेलन नदी का जलस्तर डीह पुल के खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। डीह पुल पर खतरे का निशान 110 मीटर निर्धारित है। जबकि सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।