राष्ट्रमत न्यूज,लखनऊ(ब्यूरो)। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एक्शन शुरू हो गया है ।इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। जिसमें सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, राम मंदिर ट्रस्ट में सबसे अहम भूमिका निभा रहे महासचिव चंपत राय सवालों के घेरे में है, जिसने उनकी हिंदुत्व की छवि को धुमिल कर दिया है।अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।

ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा
चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद से चंपत राय पर उंगलियां उठ रही थीसविपक्षी नेता मांग कर रहे हैं कि मंदिर के फंड और जमीन के लेन.देन से जुड़ी गड़बड़ियों में चंपत राय की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।चंपत के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी। एक हफ्ते पहले सीएम योगी अयोध्या दौरे पर गए थे। उस वक्त चंपत को उनके दौरे से दूर रखा गया था, तभी से यह सुगबुगाहट थी कि उन्हें हटाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा।
2 दिन बाद कार्रवाई हुई
चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके 2 दिन बाद कार्रवाई हुई और मंदिर से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया।इनमें टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। अनुकल्प लवकुश का जीजा है। ये दोनों अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं। वहीं, मनीष टिन्नू यादव का भतीजा है।
सभी को कोर्ट में पेश किया
चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इसके बाद देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को मेडिकल के बाद सभी को कोर्ट में पेश किया।