राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार ने ऐसे इलाकों में 168 एकड़ जमीन खरीदी है, जहां पर बड़े पैमाने पर हाईवे बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम चल रहा है। मोहन यादव और उनके परिवार के द्वारा जमीनों की खरीद के मामले में बीजेपी का रिएक्शन आया है। बीजेपी की आईटी सेल के संयोजक अमित मालवीय, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने इन सभी आरोपों खारिज कर दिया।बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद, बेमतलब और राजनीति से प्रेरित हैं। कांग्रेस इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोला था।

168 एकड़ जमीन खरीदी
बीजेपी इस बात पर चुप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार की 2021 से 2023 के बीच लैंड होल्डिंग दोगुनी हो गई, उस वक्त मोहन यादव मध्य प्रदेश की सरकार में मंत्री थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद 2024 से 2025 के बीच यह फिर से दोगुनी हो गई। ने सीएम मोहन यादव और उनके परिवार के द्वारा जमीन खरीद को लेकर छापी गई स्टोरी में बताया था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार ने ऐसे इलाकों में 168 एकड़ जमीन खरीदी है, जहां पर बड़े पैमाने पर हाईवे बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम चल रहा है।
कीमत 45 करोड़ रुपये है
एक अखबार में यह भी सामने आया था कि 13 दिसंबर, 2023 को जब मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उसके बाद से मुख्यमंत्री के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे हैं। यह जमीन कुल 168 एकड़ है और इसकी कीमत 45 करोड़ रुपये है।खतौनी (स्वामित्व रिकॉर्ड) के अनुसार, ये जमीनें मुख्यमंत्री मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव, बेटे वैभव यादव की पत्नी शालिनी यादव, उनके भाई नंदलाल यादव और नारायण यादव, नारायण यादव की पत्नी रेखा यादव, उनके बेटे अभय यादव तथा चचेरे भाई गोविंद यादव और नीलेश यादव के द्वारा खरीदी गईं।
अमित मालवीय ने कहा
गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में अमित मालवीय ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ विपक्ष और उसके सहयोगी इकोसिस्टम द्वारा चलाया जा रहा अभियान तथ्यों की कसौटी पर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। जिस रिपोर्ट के आधार पर आरोपों का पहाड़ खड़ा किया गया, उसी की बुनियाद खोखली साबित हुई है।’