धान खरीदी शुरू नहीं हुई, एक साल का बाकी बोनस भी नहीं मिला - rashtrmat.com

धान खरीदी शुरू नहीं हुई, एक साल का बाकी बोनस भी नहीं मिला

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)।  छत्तीसगढ़ के किसान बड़ी ही बेसब्री से धान खरीदी की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। उनकी नजरें आज सीएम हाउस में आयोजित साय कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि राज्य की साय सरकार ने अब तक धान खरीदी की घोषणा नहीं की है। ऐसे में किसानों का त्योहार (तिहार) कैसे मनेगा? क्या इस बार दीपावली तिहार में किसानों के हाथ खाली रह जायेंगे? बिना रुपये के किसान कैसे तिहार मनायेंगे? खेती-किसानी कैसे गुलजार होगा? यही सवाल किसानों की जुबां पर है। किसान और विपक्ष में बैठे राजनीतिक दलों ने भी साय सरकार से एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है।

धान खरीदी अब तक शुरू नहीं हुई
छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहा जाता है। ऐसे में यहां धान सिर्फ खेतों में ही नहीं उगता, बल्कि प्रदेश के सियायी गलियारे में भी में भी इसकी गूंज सुनाई देती है। अक्तूबर जाने में3दिन बचे हैं और नवंबर की तैयारी है। ऐसे में धान खरीदी अब तक शुरू नहीं हुई है। खेती-किसानी से जुड़े जानकारों का कहना है कि एक नवंबर से धान की खरीदी शुरू हो सकती है। सरकार नवंबर से धान खरीदी का एलान कर सकती है। ऐसे में किसानों को राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एमएसपी रेट पर धान खरीदी का बोनस भी दे सकती है।
एक साल का बोनस बाकी है
पूर्व की भूपेश सरकार में किसानों का एक साल का बोनस बाकी है। भाजपा सरकार ने उस बोनस को किसानों को आज तक नहीं दिया है। जिसका फंड भी रिलीज हो चुका था। पिछले तीन साल में केंद्र सरकार ने एमएसपी बढ़ाई है, जो कि लगभग 258 के आस-पास है। पिछले साल भी समर्थन मूल्य पर जो धान खरीदी की गई, उस राशि को जोड़कर किसानों को नहीं दिया गया। ऐसे में केंद्र के तीन साल में बढ़ी हुई एमएसपी की राशि समर्थन मूल्य में अतिरिक्त जोड़कर प्रति क्विंटल 3 हजार 358 रुपये धान खरीदी हो सकती है।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25
साल 2024-25 में धान खरीदी का लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन था। वास्तविक खरीदी करीब 149 लाख 25 हजार मीट्रिक टन रही। करीब 25 लाख 49 हजार किसान पंजीकृत थे और इनमें से 24 लाख 80 हजार से ज्यादा किसानों ने धान बेचा। धान के लिए 31 हजार 89 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26
पिछले खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी का लक्ष्य करीब 140 लाख मीट्रिक टन था। इसके मुकाबले 31 जनवरी 2026 तक करीब 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई। इस साल करीब 27 लाख 40 हजार किसान पंजीकृत थे, जबकि 25 लाख 24 हजार से ज्यादा किसानों ने धान बेचा गया। धान के लिए किसानों को करीब 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
एक नवंबर से धान खरीदी की मांग
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य वेगेंद्र कुमार सोनबेर समेत किसानों ने धान खरीदी की शुरुआत एक नवंबर से करने की मांग की है। उनका कहना है कि एक नवंबर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस भी है। ऐसे में इस दिन से धान खरीदी शुरू करने की परंपरा बनाई जा सकती है, ताकि आने वाली सरकारों में भी तारीख को लेकर अनिश्चितता की स्थिति न रहें।

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