राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)।रीवा विश्वविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओ के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा आयोजित ‘विश्वविद्यालय घेराव’ आंदोलन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को APSU के मुख्य द्वार से करीब 100 मीटर पहले ही रोक दिया। भीड़ को बेकाबू होता देख पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।

तनाव की स्थिति बनी
रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को 25 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में करीब 150 छात्र और कार्यकर्ता कुलपति का घेराव करने विश्वविद्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी।
आंदोलन रोकने का प्रयास किया गया
पंकज उपाध्याय ने कहा कि संगठन लंबे समय से छात्रों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाया जा रहा है। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामलों की जांच कर छात्रों की समस्याओं का निराकरण करने की मांग की।लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई तवज्जो नहंीं दिया।एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल के जरिए आंदोलन रोकने का प्रयास किया गया।
25 मांगे रखी विश्व विद्यालय प्रशासन के समक्ष

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक माहौल और छात्रों की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। अभी कुछ दिन दिन पहले ABBP का कार्यक्रम था जिसे मंजूरी दी गई थी जब NSUI छात्रो का कार्यक्रम के लिए भवन की मांग की गई तो कुलपति साहब न बता दिया कि राजनीतिक कार्यक्रम है। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय में परीक्षा में अनियमितताएं,परीक्षा परिणामों में देरी नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी और वित्तीय मामलों की जांच की मांग की। छात्रवृत्ति पीएचडी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं समेत कुल 25 मांगें रखी गईं।
FIR होने तक भूख हड़ताल करेंगे
पंकज उपाध्याय ने कहा कि बुधवार को फिर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद आगामी सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मामलों की जांच और दोषियों पर एफआईआर होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोटालों से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण लेकर भूख हड़ताल करने की बात कही।
