अब चांदी के गहने भी हाॅलमार्किग वाले मिलेंगे,तैयारी में BIS - rashtrmat.com

अब चांदी के गहने भी हाॅलमार्किग वाले मिलेंगे,तैयारी में BIS

राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। सोने के गहने में हाॅलमार्किग वाले ही बिक रहे हैं। लेकिन चांदी के गहने के साथ ऐसा नहीं है। चांदी के गहने बाजार में नकली बिक रहे हैं। इसीलिए चांदी के गहने भी हाॅलमार्किग वाले होने चाहिए। इस बार बात चल रहे है। लेकिन ऐसी कई वजह बताई जा रही है,जिससे चांदी के गहने हाॅलमार्किग वाले ही बिके ऐसा संभव नहीं है। लेकिन इस चुनौती का हल ढूंढा जा रहा है।और बहुत जल्द सर्राफा बाजार में सोने की तरह चांदी के गहने भी हाॅलमार्किग वाले ही मिलेंगे। इससे यह होगा कि नकली चांदी के गहने की बिक्री पर लगाम लग जाएगा।

बुनियादी तैयारियों की स्टडी

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) चांदी की ज्वैलरी और आर्टवर्क्स की हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने के लिए जरूरी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और बुनियादी तैयारियों की स्टडी कर रहा है। चांदी की हॉलमार्किंग 2005 से स्वैच्छिक है और सितंबर 2025 से हॉलमार्क किए गए चांदी के प्रोडक्ट्स पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर होता है, जिससे खरीदार प्योरिटी की पुष्टि कर सकते हैं। बीआईएस के महानिदेशक संजय गर्ग ने कहा, ‘‘चांदी की हॉलमार्किंग सोने की तुलना में अधिक जटिल है, प्रोसेस के कारण नहीं बल्कि इसके बाजार के स्वरूप के कारण।’’

 चांदी की हॉलमार्किंग मुश्किल

गर्ग ने बताया कि सोने के विपरीत, चांदी के आभूषण और वस्तुएं छोटी और बड़ी दोनों तरह की दुकानों में बिकती हैं। इसमें चांदी के ‘फर्नीचर’ जैसी कैटेगरी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम इसे लागू करने की प्रक्रिया का अध्ययन कर रहे हैं।’’
गर्ग ने बताया कि बीआईएस में हॉलमार्किंग का पूरा ऑपरेशन केवल पांच लोगों द्वारा किया जाता है, जबकि बाकी कार्यबल निजी या ‘आउटसोर्स’ होता है। उन्होंने कहा, ‘‘ निजी भागीदारी के साथ हॉलमार्किंग केंद्रों का संचालन करना और विश्वास कायम करना एक बेहद बड़ी चुनौती है।’’

 अनिवार्य चांदी की हॉलमार्किंग

चांदी की स्वैच्छिक हॉलमार्किंग में प्रगति के बावजूद बीआईएस सावधानी बरत रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम जानबूझकर थोड़ा धीमे चल रहे हैं ताकि कोई गलती न हो। अनिवार्य करने से पहले हम व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना चाहते हैं।’’ गर्ग ने कहा, ‘‘ हम चांदी की हॉलमार्किंग को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करेंगे।’’

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