राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ छात्रों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 152 पेपर लीक के मामलों में एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है।राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 जुलाई के सीजेपी के संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों के प्रदर्शन के वीडियो चलाए। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा।ऐसा क्यों किया गया।

सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा
राहुल गांधी ने बताया कि 10 साल में 152 पेपर लीक देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी भी को सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं।

पुलिस कार्रवाई की वीडी सतीशन ने की निंदा
वीडी सतीशन ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई नेताओं और सांसदों को पुलिस ने जबरन हटाया और उनके साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया। सतीशन ने कहा कि इससे एक दिन पहले छात्रों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट विवाद के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की, लेकिन केंद्र सरकार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निंदनीय है। छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर भड़के
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और उसे जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। विजयन ने आरोप लगाया कि पहले वामपंथी छात्र संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया था, जिसके बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी इसमें शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों का जवाब देने के बजाय केंद्र सरकार बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। विजयन ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि पुलिस के साथ लाठीधारी लोगों ने भी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि दमन से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि उसे और अधिक जनसमर्थन मिलेगा। आंदोलनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।