राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर गाड़ी में जा रहे एक परिवार के साथ हमलावरों ने मारपीट की। गाड़ी में पति-पत्नी और उनका 10 महीने का बच्चा था। महिला ने हमलावरों से गहने लेकर पति को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी।
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तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया
महिला ने हमलावरों के सामने गुहार लगाई कि उन लोगों को जाने दें, चाहें तो सारे सोने के गहने ले लें, लेकिन उसके पति को न पीटें, लेकिन हमलावरों ने महिला की कोई बात नहीं सुनी।पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब 10:30 बजे मांड्या जिले के मद्दुर के पास हुए इस कथित हमले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना पीड़ितों के पीछे चल रही एक गाड़ी के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी।
10 महीने के बच्चे तक को नहीं बख्शा
पीड़ित सागर कुमार ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि हमलावरों ने उनकी पत्नी और 10 महीने के बच्चे तक को नहीं बख्शा। अचानक हुए हमले से पूरा परिवार दहशत में आ गया। सागर के अनुसार उनकी पत्नी हाथ जोड़कर लगातार हमलावरों से उन्हें जाने देने की विनती करती रही। महिला ने अपने गहने तक देने की पेशकश की, लेकिन हमलावर पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। सागर का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी पत्नी गहरे सदमे में है और परिवार अब भी उस रात के डर से बाहर नहीं निकल पाया है।

कार रोककर सागर को बाहर खींचने का आरोप
घटना का वीडियो पीछे चल रहे एक वाहन के डैशकैम में कैद हुआ है। सामने आए फुटेज में कुछ लोग सागर की कार को एक्सप्रेसवे के बीच रोकते और वाहन को चारों तरफ से घेरते दिखाई देते हैं। आरोप है कि सागर को कार से बाहर खींचकर सड़क पर पीटा गया। पति को बचाने के लिए उनकी पत्नी भी कार से बाहर निकली और बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान दूसरे वाहन में मौजूद एक व्यक्ति ने भी मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों का गुस्सा कम नहीं हुआ और विवाद हिंसा में बदल गया।
पीड़ित ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर भारी यातायात के बीच सागर की कार की कथित तौर पर एक अन्य वाहन से टक्कर हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों वाहनों में सवार लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। हमले में सागर को चोटें आईं और बाद में उन्होंने सोमवार को पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। डैशकैम फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और घटना से जुड़े लोगों की पहचान शुरू की।
सिस्टम में बदलाव जरूरी
बेंगलुरु निवासी सागर कुमार ने घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि कई हाईवे हिस्सों में CCTV कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वारदात करने वाले लोग आसानी से निकल जाते हैं। सागर के मुताबिक उनके परिवार ने जिस डर और तकलीफ का सामना किया, उसके बाद जरूरी है कि हाईवे पर निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों की तुरंत पहचान हो। उन्होंने कहा कि सिस्टम में बदलाव होना चाहिए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की स्थिति से न गुजरना पड़े और सड़क पर हिंसा करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।