केनाईन डिस्पेंटर वायरस कुत्तों से फैल रहा,मर रहे हैं जंगली जानवर - rashtrmat.com

केनाईन डिस्पेंटर वायरस कुत्तों से फैल रहा,मर रहे हैं जंगली जानवर

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो) बालाघाट में कुत्तों से फैल रही केनाइन डिस्टेंपर बीमारी । संरक्षित वन्यजीवों की मौत के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने एक सप्ताह पहले टीकाकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।जिले में कुल 15863 आवारा कुत्ते दर्ज किए गए थे।कान्हा क्षेत्र में एक मादा बाघ और उसके शावकों की मौत के बाद सामने आई रिपोर्ट में केनाइन डिस्टेंपर को मौत का कारण बताया गया था। यह बीमारी मुख्य रूप से कुत्तों से फैलती है ।

आवारा कुत्तों का टीकाकरण प्राथमिकता से

उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि टीकाकरण की कार्ययोजना 9 जून को मंडला में आयोजित एक बैठक के बाद बनाई जाएगी। कलेक्टर मृणाल मीणा ने उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग को कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आवारा कुत्तों का टीकाकरण प्राथमिकता से और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे।

जिले में कुल 15863 आवारा कुत्ते

बालाघाट जिले के कान्हा से सटे बैहर, बिरसा और परसवाड़ा क्षेत्र के गांवों में 4705 से अधिक आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया जाना है। पशु चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछली जनगणना में जिले में कुल 15863 आवारा कुत्ते दर्ज किए गए थे, जिनका भी टीकाकरण और एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) कार्यक्रम शुरू होना है।

टीकाकरण का  खर्च वन विभाग वहन करेगा

डॉ. परते ने यह भी बताया कि टीकाकरण का पूरा खर्च वन विभाग वहन करेगा, जबकि पशु चिकित्सा विभाग इसमें सहयोग करेगा। उन्होंने जोर दिया कि वन्यजीवों को इस बीमारी से बचाने के लिए कुत्तों का टीकाकरण और एबीसी कार्यक्रम ही एकमात्र उपाय है।केनाइन डिस्टेंपर के लक्षणों के बारे में डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि यह एक नर्वस सिस्टम से संबंधित बीमारी है, जो विशेषकर कुत्तों में पाई जाती है। शुरुआत में जानवर के पिछले पैरों में झटके आते हैं और लंगड़ापन शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे पिछला भाग लकवाग्रस्त हो जाता है, जिससे जानवर खाना-पीना बंद कर देता है और अंततः उसकी मौत हो जाती है।

केनाईन डिस्पेंटर वायरस से मौत

बालाघाट के कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल को 18 महीने से कम उम्र के बाघ की मौत से   सामने आया था। जिसके बाद मादा और शावकों की मौत से यह वायरस का पता चला।हाल ही में 19 मई को 6 साल वयस्क नर बाघ की मौत भी केनाइन डिस्टेंपर वायरस से मौत हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *