राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। शहर के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी परमानंद सोनी की बहू वैशाली को जैसे ही अपने पति प्रदीक के मौत की खबर मिली वह डिप्रेशन में चली गयी। घर से निकल गयी। शाम को उसका शव तालाब में मिला। वैशाली अपने मायके उत्तराखंड गयी हुई थी। माना जा रहा है कि कार्डियक अरेस्ट के तहत प्रदीप की मौत हुई है।

मायके में बहू जान दे दी
परमानंद सोनी ने कहा कि बहू वैशाली प्रदीप से बेहद प्रेम करती थी। बेटे की मौत की सूचना मिलने के 5 मिनट बाद उसने अपनी जान दे दी। प्रदीप सोनी अनंतपुर स्थित अपने घर में अकेले थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के कुमौड़ गांव स्थित मायके गई हुई थी।
दुख बर्दाश्त नहीं कर सकी
रविवार दोपहर तक प्रदीप का मोबाइल फोन लगातार बंद रहा तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचे लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर जाकर देखा तो प्रदीप बाथरूम में मृत अवस्था में पड़े थे।उन्होंने बताया कि बेटे की अचानक मौत का सदमा वैशाली सहन नहीं कर सकी।अपने पति से बेहद प्यार करती थी,दुख बर्दाश्त नहीं कर सकी इसलिए अपनी जान दे दी।

कार्डियक अरेस्ट की आशंका
परमानंद के अुनसार प्रदीप को किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। वह रात में भोजन करने के बाद सोने चला गया।काम करने वाली महिला सुबह आई। जिसने वैशाली को फोन किया। इसके बाद सूचना अन्य परिजनों तक पहुंची।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में डाक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट से मौत की आशंका जताई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी।
तालाब में वैशाली का शव मिला
उत्तराखंड में मौजूद वैशाली खड़ायत को रविवार सुबह फोन पर पति की मौत की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार यह खबर सुनने के बाद वह सदमे में चली गई। कुछ समय बाद वह बिना किसी को बताए घर से निकली। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे तभी शाम को जाजरदेवल थाना क्षेत्र के नैनीसैनी गधेरे के पास तालाब में उसका शव मिला।घटना स्थल से उसका मोबाइल फोन और पर्स भी मिला। एक ही दिन में बेटे और बहू की मौत से सोनी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

किसी तरह का संदेह नहीं
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि अभी तक की जांच में कोई संदेहास्पद तथ्य सामने नहीं आया हैं।न ही किसी तरह की आपराधिक आशंका है
कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़े
हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ.वीडी त्रिपाठी के अनुसार देखा जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अनियमित जीवनशैली, तनाव, धूम्रपान, शराब का सेवन, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।