राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। कलेक्टर आदित्य सिंह ने 02 नवंबर को दोपहर में जिला नि:शक्त एवं पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय मे 05 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जबकि चार कर्मचारी ही उपस्थित मिले। कर्मचारियों की इस लापरवाही पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

विशेष ध्यान रखा जाए
निरीक्षण के दौरान विरेन्द्र कुमार दास फिजियोथैरेपिस्ट, हेमंत लखेरा जुनियर फिजियोथैरेपिस्ट, विकास कुमार मिश्रा, सुधांशु श्रीवास्तव, भृत्य अजय भूरे अनुपस्थित पाये गए। जबकि हरिप्रसाद लिल्हारे अवकाश पर थे। कलेक्टर श्री सिंह ने अनुपस्थित पांचों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय के सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए केंद्र पहुंचने वाले दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता और तत्परता बरतना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में आए दिव्यांगजनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना।

सभी प्रकरणों का निराकरण किया जाए
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पात्र दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए और सभी प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए।
तत्परता से निराकरण किया जाए
कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र में आने वाले दिव्यांगजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन दिव्यांगजनों को ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें ये उपकरण सुगमता से उपलब्ध कराए जाएं। केंद्र में आने वाले प्रत्येक दिव्यांगजन के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जाए।