राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। इंजीनियर डिप्टी CM राजेन्द्र शुक्ला दावा करते हैं रीवा दिनों दिन विकास कर रहा है। वो एक ऐसे मंत्री है जो पूरे 17 साल में रीवा को खोदा,तोड़ा और बेतरतीब ढंग से विकास किया। रीवा में जगह-जगह बायी पास बना दिया। लेकिन जल निकासी की व्यवस्था कहीं नहीं। काॅलेज चौराहा में भी जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। जबकि इस चौराहे को पहले बहुत बड़ा बनवाये थे फिर इसे तोड़ा गया।तस्वीर देखें कैसे पानी भरा हुआ है।

गालियां देते हैं रीवा के लोग
रीवा में पिछले दो दिनों से ठहर ठहर कर बारिश हो रही है। कल सारी रात बारिश हुई। जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गयी। चंद घंटों की बारिश में सड़कें पानी में डूब गईं और निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया। संजय गांधी अस्पताल, वार्ड क्रमांक 25, बाणसागर कालोनी, नेहरू नगर सहित कई वार्डो के लोगों के घरों में पानी घुसता है तो डिप्टी सीएम को जी भर के उलाहना देते हैं। और मोदी को जिस जंतर मंतर में गालियां दी गयी है,वही रीवा में डिप्टी CM को दी जाती है।

कुछ घंटे की बारिश में हालत खराब
नेहरू नगर निवासी अजय मिश्रा ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है। नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी होती है। यहां लोग को चाहते हैं कि बारिश हो मगर इतनी न हो कि घरो में पानी घुसे। बाणसागर निवासी रजनी पटेल ने बताया कि कुछ घंटे की बारिश में ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। बायपास बना देने कीे वजह से यह स्थिति है।
डिप्टी CM की अधूरी इंजीनियरिंग
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला ने 1997 की बाढ़ देख चुके हैं। बावजूद इसके उन्होंने रीवा को जगह जगह बायपास बना दिया लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नहीं की। आज भी रीवा में बेतरतीब विकास से हर वार्ड के लोग परेशान हो जाते हैं बारिश में। जाहिर सी बात है कि डिप्टी सीएम की अधूरी इंजीनियरिंग की परेशानी पूरा रीवा 17 साल से उठा रहा है। यह स्थिति तब है जब रीवा में बारिश ठीक से हुई नहीं है। वैसे भी रीवा में सितम्बर में बाढ़ आती है।हालांकि ये हालात तब हैं जब इस वर्ष रीवा में अब तक बेहद कम बारिश हुई है। इसके बावजूद चंद घंटों की तेज बारिश में शहर की जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

इंतजाम किए जा रहे हैं
नगर निगम आयुक्त का कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में टीमों को भेजकर पानी निकासी कराई जा रही है। नालियों और नालों की सफाई के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में जल निकासी के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।