आदिवासी अंचल के जर्जर 268 स्कूलों का स्वरूप बदला - rashtrmat.com

आदिवासी अंचल के जर्जर 268 स्कूलों का स्वरूप बदला

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।वर्षों तक टपकती छतों जर्जर भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर आदिवासी अंचल के बच्चों के लिए अब बेहतर स्कूल देने की शुरूआत हो गयी है। जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थित 268 जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर उन्हें विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित बनाया गया है।


ताकि बच्चे पढ़ सकें
जिले के दूरस्थ वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों के बदहाल अनेक सरकारी विद्यालय को गंभीरता से लेते हुए बालाघाट पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने विद्यांजलि प्रोजेक्ट के माध्यम से इन विद्यालयों को दुरस्त करने की पहल की है। जिले के आदिवासी अंचल में स्थित 268 जर्जर स्कूल भवनों की दीवारे,खिड़की दरवाजे और फर्श को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। ताकि बच्चें पढ़ सकें।
बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को भी सुरक्षित सम्मानजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना उनका अधिकार है। इसी सोच के साथ समाज के सहयोग से जर्जर विद्यालयों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भवनों की मरम्मत तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करने का प्रयास भी है।


पुलिस का प्रयास सराहनीय
इस पहल की सराहना मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने भी की। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए इस कार्य को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी प्रदेशभर के जर्जर विद्यालय भवनों के सुधार के लिए विभिन्न विभागों और अलग.अलग वित्तीय स्रोतों से कार्य कराने का निर्णय लिया है। अलग.अलग विभागों की जिम्मेदारी तय की जा रही है ताकि विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार हो सके।