राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट के रामनगर में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट से सटी दीवार गिरने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकालकर सीधे जिला अस्पताल भिजवाया गया। इस हादसे में दो मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

मकान की दीवार अचानक ढह गई
यह घटना बुधवार शाम करीब 5:30 बजे की है। शहर के स्टेट बैंक के पीछे व्यापारी हर्षित पगारिया के निर्माणाधीन भवन में बेसमेंट की दीवार बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन स्थल से सटे एक मकान की दीवार अचानक ढह गई। मलबे में नवेगांव नैतरा निवासी निलेश पिता धनलाल नगपुरे (23), चैतराम पिता सोंधड़ सौलखे (35) और हट्टा के तिलपेवाड़ा निवासी मानिक पिता उमेन्द्र मचाड़े (48) दब गए।

बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया
युवा सुमित मंगलानी ने बताया कि जानकारी मिलते ही उनकी दुकान पास होने के कारण वे घटनास्थल पर दौड़कर पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक मजदूर का केवल चेहरा दिखाई दे रहा था। उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके शरीर से मलबा हटाया और उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया।

हाथों से मिट्टी हटाकर बाहर निकाला
सीएसपी मयंक तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक वहां लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। शुरुआती प्रयासों में दो मजदूरों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीसरे मजदूर मानिक मचाड़े का केवल चेहरा ही दिखाई दे रहा था। उसे बचाने के लिए बेसमेंट में उतरे लोगों ने फावड़े और हाथों से मिट्टी हटाकर बाहर निकाला। लगभग 5 फीट गहरे बेसमेंट से घायल मजदूर को सीएसपी के चालक पुलिसकर्मी राजू गौतम और युवा सुमित मंगलानी ने पीठ पर लादकर सीढ़ियों के सहारे ऊपर पहुंचाया।सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल मानिक मचाड़े और चैतराम सौलखे को आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं, निलेश नगपुरे का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है।

बचाव कार्य का नेतृत्व सीएसपी ने किया