राजा भोज पर टिप्पणी,पूर्व सांसद कंकर मुंजारे पर मामला दर्ज - rashtrmat.com

राजा भोज पर टिप्पणी,पूर्व सांसद कंकर मुंजारे पर मामला दर्ज

 राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।बालाघाट में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राजाभोज पर उनकी टिप्पणी के बाद पंवार समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई।विवाद गर्रा ओवरब्रिज के नामकरण से जुड़ा है, जिसका उद्घाटन 13 जून को हुआ था।पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने दो टुक कह दिया है कि अपने बयान पर कायम हूं। मेरे माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। पुलिस ने शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।इस मामले में अब अवंतीबाई लोधी सेना भी सामने आ गई है। जाहिर सी बात है कि अब सियासी मामला तूल पकड़ेगा।

पंवार समाजजन लेकर पहुंचे पुतला।

धारा 299 का मामला दर्ज

सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि पंवार समाज के जिलाध्यक्ष विशाल बिसेन की शिकायत पर पूर्व सांसद मुंजारे के खिलाफ धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यह विवाद गर्रा ओवरब्रिज का नाम पंवार समाज के आराध्य राजाभोज के नाम पर रखे जाने के बाद शुरू हुआ।इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका विरोध होने लगा। इसी दौरान पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान राजाभोज के नामकरण पर टिप्पणी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था।

अब अवंतीबाई लोधी सेना भी सामने  

 पूर्व सांसद कंकर मुंजारे अपने बयान पर कायम हैं और उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।इस मामले में अब अवंतीबाई लोधी सेना भी सामने आ गई है। सेना के जिलाध्यक्ष सहेजलाल उपवंशी ने पंवार समाज के प्रदर्शन को प्रायोजित बताया है। उन्होंने इसे लोधी समाज का अपमान करार देते हुए इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।जिले में दो समाजों के बीच मौखिक और सोशल मीडिया पर चल रही यह बहस अब संघर्ष की स्थिति पैदा कर रही है।  आने वाले समय में तनाव बढ़ने की आशंका है।

गुरुवार को हुआ था पुतला दहन

मुंजारे की टिप्पणी से पंवार समाज ने खुद को आहत महसूस किया। इसके विरोध में गुरुवार को पंवार समाज ने एक रैली निकाली और पूर्व सांसद के निवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंकर मुंजारे का पुतला भी फूंका और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी।