राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। केपरी गोल्ड लोन बैंक की बालाघाट शाखा में पदस्थ एक महिला कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप सामने आये है, जिसे लेकर बकायदा कुछ पीड़ित लोगो ने पुलिस अधीक्षक बालाघाट कार्यालय पहुंचकर शिकायत भी की है। जिनमें शिकायतकर्ता उमेश ठाकरे निवासी ग्राम लेण्डेझरी ने महिला कर्मचारी पर गोल्ड लोन और नीलामी के सोने के नाम पर लाखों रुपये के लेन-देन में गुमराह करने का आरोप लगाया है।
गोल्ड लोन ले लिया जाए
शिकायत में उमेश ठाकरे ने बताया कि वह केपरी गोल्ड लोन बैंक का पुराना ग्राहक है। इसी दौरान बैंक की कर्मचारी दिव्या से उसकी जान-पहचान हुई। आरोप है कि महिला कर्मचारी ने उसे भरोसा दिलाया कि यदि उसके पास सोना है तो उसे बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया जाए। साथ ही बैंक में नीलामी के लिए रखे गए सोने और उसके गिरवी रखे सोने को 15 दिनों के भीतर छुड़वाने का आश्वासन भी दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला कर्मचारी के कथित आश्वासन पर उसने अलग-अलग समय में करीब 17 तोला सोना गिरवी रखवाया, जिस पर कुल 17 लाख 45 हजार रुपये का गोल्ड लोन बनाया गया। यह प्रक्रिया लगभग 15 से 20 दिनों के दौरान हुई।
सोना दिलाने का प्रलोभन दिया
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि महिला कर्मचारी ने उसे बैंक की नीलामी में उपलब्ध सोना दिलाने का प्रलोभन दिया और इसके लिए संबंधित खाते में कुल 20 लाख रुपये जमा करने की बात कही। शिकायतकर्ता का कहना है कि आर्थिक व्यवस्था के अनुसार उसने उक्त खाते में 5 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद महिला कर्मचारी उस पर शेष राशि भी जमा करने का दबाव बनाने लगी। कथित तौर पर उसे कहा गया कि यदि उसने पूरी 20 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की तो उसके पहले से जमा किए गए 5 लाख रुपये भी डूब जाएंगे।
मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस तरह उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और वह दबाव में आ गया। इस मामले में उमेश ठाकरे ने पुलिस अधीक्षक बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराते हुए उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सोना गिरवी रखने पर भी राशि नहीं मिली
कुछ ऐसा ही प्रकरण भैरवसिंह नगपुरे निवासी ग्राम बोदा के साथ भी हुआ। भैरवसिंह ने भी दिव्या नागतोडे पर धोखाधड़ी करके 8 तोला सोना लेने के बाद भी रकम प्रदान नही करने का आरोप लगाया है। दिव्या नागतोडे कैपरी गोल्ड लोन बैंक शाखा बालाघाट की एम्पलाईज है। जो कार्यरत् बैंक में कम से कम ब्याज दर गोल्ड को गिरवी रखवाकर लोगो को झांसे में लेती है और उनके साथ धोखाधड़ी की जाती है। जहां इसी तरह की धोखाधड़ी से परेशान उपभोक्ताओं का कैपरी गोल्ड लोन बैंक शाखा बालाघाट में विवाद भी हुआ था। हालांकि उस समय आश्वासन मिलने के बाद उपभोक्ता शांत हो गये थे, लेकिन यह मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है और मामले में जाचं पड़ताल जारी है।
इनका कहना है– मामले मे थाने में शिकायत हुई है, जिसमें प्रकरण दर्ज किया गया है और जाचं प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।
अजय गुर्जर, थाना प्रभारी कोतवाली
इनका कहना है– ये धोखाधड़ी का मामला है, जो बहकावे में आ गये थे। पीड़ितो की शिकायत के बाद दिव्या नगपुरे के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
किरण वाटके, जाचं अधिकारी