बौद्ध अनुयायियों ने रैली निकालकर बोधगया महाविहार से 'कब्जा' हटाने की मांग - rashtrmat.com

बौद्ध अनुयायियों ने रैली निकालकर बोधगया महाविहार से ‘कब्जा’ हटाने की मांग

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।  बिहार के बोधगया में चल रहे ‘महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन’ के 500 दिन पूरे होने पर शुक्रवार को बालाघाट में भी बौद्ध अनुयायियों ने प्रदर्शन किया। कोसमी स्थित त्रिरत्न बौद्ध विहार में धरने पर बैठे समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की।इसके बाद शहर में एक वाहन रैली निकालकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। बौद्ध समाज की साफ मांग है कि बोधगया महाविहार प्रबंधन कानून (BTMC Act 1949) को खत्म कर इसका पूरा आधिपत्य और मैनेजमेंट सिर्फ बौद्ध समाज को सौंपा जाए।

आने वाले दिनों में देशव्यापी उग्र आंदोलन

आंदोलन के समर्थन में जुटे बौद्ध अनुयायियों ने सबसे पहले कोसमी में शांतिपूर्ण धरना दिया और इसके बाद एकजुट होकर अंबेडकर चौक तक एक विशाल वाहन रैली निकाली। चौक पर पहुंचकर समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके पवित्र धार्मिक स्थल को गैर-बौद्धों के नियंत्रण से मुक्त नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में देशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बिहार सरकार पर उपेक्षा का आरोप

समिति के संरक्षक रवि पटले ने इस मामले को लेकर बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बौद्ध समाज की इस जायज मांग की अनदेखी कर रही है। यदि सरकार ने अपनी उपेक्षापूर्ण नीति नहीं बदली और कानून में बदलाव नहीं किया, तो समाज के लोग अब बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।

बौद्ध समाज के हाथों में होना चाहिए

महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष विकास खांडेकर ने बताया कि भिक्कु संघ द्वारा बोधगया में पिछले 500 दिनों से लगातार यह आंदोलन चलाया जा रहा है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देशभर में जन-जागरण करना है।खांडेकर ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बौद्धों के सबसे पवित्र वैश्विक स्थल पर गैर-बौद्धों का कब्जा है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। इसका पूरा नियंत्रण केवल और केवल बौद्ध समाज के हाथों में होना चाहिए।

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