राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल/नई दिल्ली(ब्यूरो)। मीनाक्षी नटराजन मामले में देखा जाए तो उनके नामांकन में एक नहीं छह आपत्तियां है। सत्यापन मोहर स्पष्ट नहीं है। निर्धारित प्रारूप में बदलाव है। संपत्ति विवरण में अंतर है। जानकारी छिपाने का आरोप है।जरूरी कालम अधूरे हैं। नामांकन रद्द करने की मांग की गयी है। यदि चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुनाने में देर किया तो बीजेपी के तीनों उम्मीदवार जीत जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कल तक सुनवाई टाल दी है।

महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है। इस नए अपडेट के बाद दिल्ली स्थित कांग्रेस हेडक्वार्टर में सीनियर लीडर्स की बैठक चल रही है। वहीं, मध्य प्रदेश के विधायक आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी करेंगे।आयोग कांग्रेस के पक्ष में कोई फैसला नहीं करता या खामोश ही रहता है तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा।

तब तक रिजल्ट घोषित न किया जाए
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी बोले- मामले पर आज ही सुनवाई की जरूरत है क्योंकि नामांकन वापसी के लिए दोपहर 3 बजे तक का ही समय है।इस पर चुनाव आयोग ने कहा- हमें इस याचिका की कॉपी ही नहीं दी गई है। इसे पढ़ने के लिए समय की जरूरत है। इसके जवाब में सिंघवी बोले- सुनवाई भले ही कल हो जाए लेकिन तब तक रिजल्ट घोषित न किया जाए। इसके बाद अदालत ने कहा- ऐसे मामलों में कानून पहले से तय है। याचिका को कल के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।कांग्रेस ने ये याचिका बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजकर 48 मिनट पर डिजिटल माध्यम से दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से फैसला किया है, इसे रद्द किया जाए।
तीनों राज्यसभा सीटें जीत सकती है BJP
मामले पर चुनाव आयोग की चुप्पी ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद फैसला करेगा। यदि तब तक आयोग कांग्रेस के पक्ष में कोई फैसला नहीं करता या खामोश ही रहता है तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा।बाकी दो सीटों पर भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल का निर्वाचन निर्विरोध तय है। ऐसे में प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा बिना लड़े जीत जाएगी।

कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। चुनाव आयुक्त चाहते तो कल इस बारे में निर्णय दे सकते थे। खारिज करना या स्वीकार करना, यह विशेष अधिकार चुनाव आयोग को है। हरियाणा में चुनाव आयोग ने हस्तक्षेप किया था, गुजरात में हस्तक्षेप किया था तो एमपी में क्यों नहीं किया?
आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट
सिंघार ने भोपाल में मीडिया से कहा- झारखंड में बीजेपी कैंडिडेट को आप (चुनाव आयोग) वैलिड कर सकते हैं तो मीनाक्षी नटराजन के मामले में फैसला क्यों नहीं लिया? इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग भाजपा के रबर स्टैंप के रूप में काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर चुनाव आयोग ने कोई विचार नहीं किया। उनके रिटर्निंग ऑफिसर ने स्पष्ट रूप से नियमों की धज्जियां उड़ाईं।सुप्रीम कोर्ट ने कल का समय दिया है। मैं समझता हूं कि इसमें न्याय होगा लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? सुप्रीम कोर्ट इस पर निर्णय आज करता तो बेहतर होता क्योंकि आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट है।