पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द,अब कभी भी गिरफ्तारी - rashtrmat.com

पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द,अब कभी भी गिरफ्तारी

राष्ट्रमत न्यूज,जबलपुर/भोपाल(ब्यूरो)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में सास और रिटायर्ड  पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है। इससे पहले बुधवार को भोपाल की एक अदालत ने त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था।रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर के बाहर हलचल बढ़ गई है। सीबीआई टीम उनको लेकर अब कभी भी घर से बाहर आ सकती है।

सीबीआई की टीम ने गिरिबाला सिंह के घर के एक कमरे में उनसे पूछताछ की।

अग्रिम जमानत रद्द

अवकाशकालीन न्यायाधीश देव नारायण मिश्रा ने अपने 17 पृष्ठ के आदेश में कहा कि मामले के तथ्यात्मक पहलुओं और प्रतिवादी (गिरिबाला सिंह) के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के मद्देनजर में भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई, 2026 को पारित अग्रिम जमानत आदेश, बीएनएस, 2023 की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए रद्द किया जाता है। हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने के लिए दायर आवेदनों को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही सत्र न्यायालय द्वारा दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई है।

ट्विशा मामले में न्याय हो गया

हाईकोर्ट ने देर रात 17 पन्नों का आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा- मामले की गंभीरता, सबूत और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को राहत देना उचित नहीं था।कोर्ट के मुताबिक, निचली अदालत ने केस डायरी और साक्ष्यों का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया। डेडबॉडी पर चोटों के कई निशान थे, जिनका आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।पीड़िता के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पीटीआई को फोन पर बताया कि आखिरकार त्विषा मामले में न्याय हो गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि चूंकि गिरिबाला 36 वर्षों तक न्यायिक सेवा में रहीं। अगर उनके मन में कानून के प्रति जरा भी सम्मान है, तो मुझे लगता है कि उन्हें विवेक का प्रयोग करना चाहिए और सीबीआई के समक्ष शालीनता से आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और आगे की किसी भी जांच में जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना चाहिए।

अलग तस्वीर दिख रही

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा- ट्रायल कोर्ट ने यह मान लिया था कि केवल विवाह के सात साल के भीतर हुई मौत के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट ने यह भी माना था कि आरोपी पक्ष ट्विशा के खाते में पैसे भेजता था।वॉट्सऐप चैट्स में मुख्य शिकायत पति के खिलाफ दिखाई देती है। इन्हीं आधारों पर अग्रिम जमानत दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड और सबूतों की गहराई से जांच करने पर अलग तस्वीर सामने आती है।

फांसी पर लटकी हुई पाई गई

एक वकील ने बताया कि बुधवार को भोपाल की एक अदालत ने त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में भेज दिया। बाद में, सीबीआई की टीम समर्थ के साथ त्विषा की मौत की आगे की जांच करने के लिए कटारा हिल्स क्षेत्र में उसकी मां गिरिबाला सिंह के घर पहुंची।सीबीआई ने सोमवार को पूर्व मॉडल-अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली थी। त्विषा शर्मा कथित तौर पर 12 मई को यहां अपनी ससुराल में फांसी पर लटकी हुई पाई गई थीं।