राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर/ रायगढ़(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के मरीन ड्राइव में 2 युवतियों ने मिलकर एक लड़की को पीटा है। 19 वर्षीय पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके मुताबिक, 2 नाबालिग युवतियां सेल्फी ले रही थी, तभी पीड़िता पर उन्हें देखकर हंसने का आरोप लगाते हुए उन्होंने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर थप्पड़ जड़े।वायरल वीडियो के जरिए घटना की जानकारी जब पुलिस को हुई, तो सीनियर एसपी शशि मोहन सिंह ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
वायरल वीडियो में लड़की को बीच सड़क बाल पकड़कर हाथ-मुक्कों से मारते दिखाई दी। बाद में दोनों ने अपने रिश्तेदार को बुलाया और उनके सामने ही लात मारी। पीड़िता के कपड़े उतारने की कोशिश भी की।किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर गाने के साथ अपलोड कर दिया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ज्वेलरी गोदाम में काम करती है पीड़िता
14 जुलाई को 19 वर्षीय पीड़िता कोतवाली थाने पहुंची और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि वह किराये के मकान में रहकर सोनारपारा स्थित एक ज्वेलरी गोदाम में काम करती है। 30 जून की शाम लगभग 4 बजे वह अपनी सहेली के साथ स्कूटी से थोक बाजार में सामान छोड़कर वापस लौट रही थी।
वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड
युवतियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों से पीटा। विरोध करने पर दोनों युवतियों ने फोन कर अपनी पहचान की महिला नगमा खान उर्फ नूरी (38) को बुलाया। उनके सामने ही पीड़िता के साथ लात-घूसों और मुक्कों से मारपीट की गई। शोर सुनकर पीड़िता की सहेली और राहगीरों ने बीच-बचाव किया। बाद में किसी ने घटनाक्रम का रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
वैधानिक कार्रवाई की गई
कोतवाली पुलिस द्वारा वायरल वीडियो का सूक्ष्म परीक्षण किया गया, जिसमें मारपीट की घटना मेरीन ड्राइव रोड पर होना पाया गया। क्षेत्र के लोगों से पूछताछ करने पर वीडियो में मारपीट करती दिखाई दे रही महिला की पहचान नगमा खान उर्फ नूरी के रूप में हुई। आज तड़के पुलिस टीम ने उसके निवास पर दबिश देकर उसे तलब किया। पूछताछ के दौरान उसने मारपीट में शामिल दो अन्य लड़कियों के बारे में जानकारी दी, जिन्हें भी तलब किया गया। जांच में दोनों नाबालिग बालिकाएं निकलीं, जिनके विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।