राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन से लगे मालखेड़ी गांव में शुक्रवार को एक बाघ ने 40 साल के राजकुमार परते पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। राजकुमार को तुरंत बैहर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।एक हफ्ते के भीतर इलाके में बाघ के हमले की यह दूसरी बड़ी घटना है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गश्त नहीं बढ़ाई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

परिवार वाले अस्पताल ले गए
जानकारी के मुताबिक, राजकुमार परते खेत में काम करने गए थे, तभी अचानक बाघ ने उनके चेहरे पर हमला कर दिया। बाघ के पंजे का वार झेलने के बाद भी राजकुमार किसी तरह हिम्मत दिखाकर अपनी जान बचाकर घर पहुंचे। इसके बाद परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले गए।

एक हफ्ते में दूसरी घटना
एक हफ्ते के भीतर इलाके में बाघ के हमले की यह दूसरी बड़ी घटना है। शुक्रवार को ही राजकुमार पर हमले से पहले बाघ ने 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले शैला और मोहगांव में 4 अन्य लोगों पर भी हमला करने की कोशिश की थी।

वन विभाग के रवैये से भारी गुस्सा
जनपद पंचायत परसवाड़ा के अध्यक्ष सम्मलसिंह धुर्वे ने कहा कि क्षेत्र में बाघों का खौफ इस कदर है कि लोग अब नक्सलियों से ज्यादा जंगली जानवरों से डर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पर्रापुर हादसे की मृतका के परिवार को 72 घंटे में मुआवजा देने का वादा किया गया था, जो आज तक नहीं मिला। मवेशियों के शिकार पर भी कोई मदद नहीं मिल रही है।कान्हा से सटे गांवों में बाघों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में भारी दहशत है। लोग खेतों और जंगल की तरफ जाने से कतरा रहे हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गश्त नहीं बढ़ाई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।