फ्लाइट में कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला हुआ था,चाकू से नहीं - rashtrmat.com

फ्लाइट में कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला हुआ था,चाकू से नहीं

राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली/दुबई(ब्यूरो)। यूनाइटेड अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी ने सरकारी न्यूज एजेंसी WAM के मुताबिक, बुधवार को फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 को हाईजैक करने की कोशिश की जांच से पता चला है कि ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर कॉकपिट की इमरजेंसी कुल्हाड़ी से हमला किया था, जो एक ‘आतंकवादी काम’ था।हैरानी वाली बात है कि प्लेन में कुल्हाड़ी कैसे आया। इसकी भी जांच होनी चाहिए।

डिजिटल सबूतों की जांच जारी
एयरलाइंस को आम तौर पर कॉकपिट में क्रैश एक्स रखना जरूरी होता है, ताकि इमरजेंसी में खिड़की तोड़कर भागने या आग लगने पर पैनल तोड़ने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके। अल शम्सी का कहना है कि घटना के हालात, मकसद और किसी भी जुड़े कनेक्शन का पता लगाने के साथ-साथ फिजिकल और डिजिटल सबूतों की जांच के लिए जांच जारी है।
सह-पायलट ने कैप्टन  पर हमला कर दिया
बीते 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में अचानक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने विमान में सवार 174 लोगों और क्रू सदस्यों की जान खतरे में डाल दी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने इसके बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।
स्मित मच्छार ने कैसे टाला बड़ा हादसा
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने कमान संभाली और विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा गया। बाद में स्मित मच्छार ने अस्पताल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में घटना का विवरण साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी और इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू समेत कई लोगों ने कैप्टन की कार्रवाई की सराहना की है।

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