राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। लोक निर्माण विभाग ने बालाघाट में आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच का सामना कर रहे पीडब्ल्यूडी भवन शाखा के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे का ट्रांसफर कर दिया गया है। कमल किशोर सिंगारे को ग्वालियर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में अटैच कर दिया है। उनके स्थान पर मुरैना से राहुल सिंह को बालाघाट में कार्यपालन यंत्री के रूप में पदस्थ किया गया है।

सिंगारे से जुड़े तीन ठिकानों पर जांच
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के जनरल सेक्रेटरी एवं सामाजिक कार्यकर्ता यूनुस खान पप्पा भाई ने बताया कि सिंगारे 11 जून 2025 से बालाघाट में प्रभारी कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे। एसोसिएशन के अनुसार उनके कार्यकाल में कई ठेकेदारों ने भुगतान रोकने और अनावश्यक परेशान किए जाने सहित गंभीर शिकायतें की थीं। खान ने बताया कि इन शिकायतों के आधार पर उन्होंने ईओडब्ल्यू में भी शिकायत की थी। 3 सितंबर 2026 को ईओडब्ल्यू की कार्रवाई में सिंगारे से जुड़े तीन ठिकानों पर जांच की गई। इसके बाद उनके बालाघाट स्थित सरकारी निवास, छिंदवाड़ा आवास, फार्म हाउस और बैंक खातों की जांच की गई थी। एसोसिएशन का दावा है कि जांच में घोषित आय की तुलना में करीब 11 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति सामने आई और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

33 साल की सेवा में खर्च 9.45 करोड़
ईओडब्ल्यू के अनुसार, 28 अगस्त 1993 को सहायक यंत्री के पद पर विभाग में पदस्थ हुए सिंगारे की 31 जुलाई 2026 तक की वैधानिक आय 1 करोड़ 97 लाख 59 हजार 580 रुपए थी।जांच में इस अवधि में करीब 9 करोड़ 45 लाख 95 हजार 477 रुपए का खर्च सामने आया। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, यह उनकी वैधानिक आय से 7 करोड़ 48 लाख 35 हजार 897 रुपए यानी 378 प्रतिशत अधिक है।

डीएफओ को पत्र लिखा गया
ईओडब्ल्यू की जांच अभी जारी है। विभाग को सिंगारे के करीब 18 एकड़ के फार्म हाउस की जानकारी मिली है। इसमें करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर पेड़ लगे होने की बात सामने आई है।जबलपुर ईओडब्ल्यू एसपी धामी के अनुसार, पेड़ों की संख्या और कीमत की जानकारी के लिए डीएफओ को पत्र लिखा गया है। इसके बाद पेड़ों की कीमत और उन पर हुए खर्च की जानकारी मिल सकेगी।