राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट/ बीजापुर(ब्यूरो)। बालाघाट में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को उनके गृह राज्य की पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू है। गुरुवार रात बालाघाट पुलिस ने बीजापुर क्षेत्र के 7 पूर्व नक्सलियों को बीजापुर पुलिस के सुपुर्द किया। यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय के निर्देश पर की जा रही है।

हथियारों के साथ किया था आत्मसमर्पण
बालाघाट पुलिस ने सुनीता ओयाम, जयशीला उर्फ ललिता ओयाम, जरीना उर्फ जोगी मुच्चासी, शिल्पा उर्फ सुक्की नुप्पो, समर उर्फ समारू उर्फ राजू अतरम, सलिता उर्फ सावित्री अलावा और रोहित उर्फ मंगलु को बीजापुर पुलिस के हवाले किया। इन सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
आत्मसमर्पण के बाद बालाघाट में रहे
आत्मसमर्पण करने के बाद ये पूर्व नक्सली बालाघाट में ही रह रहे थे। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत उन्हें रोजगार के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को ड्राइविंग, इलेक्ट्रिकल और सिलाई जैसे कामों की ट्रेनिंग दी गई थी।इससे पहले 9 सितंबर को बालाघाट पुलिस ने पूर्व नक्सली राकेश होड़ी उर्फ मनीष को गढ़चिरौली पुलिस को सौंपा था। राकेश महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले का रहने वाला है और उसे मध्यप्रदेश की आत्मसमर्पण, राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत गृह राज्य भेजा गया।
13 पूर्व नक्सलियों नेआत्मसमर्पण किया था
दिसंबर 2025 में कुल 13 पूर्व नक्सलियों ने मध्यप्रदेश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें पांच महिलाएं शामिल थीं। आत्मसमर्पण के बाद सभी को बालाघाट में पुनर्वास प्रक्रिया के तहत रखा गया था।