राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में कान्हा नेशनल पार्क से सटे ग्राम करेली में संतोष मेश्राम पर बाघ ने हमला कर दिया। सोमवार को हुई इस घटना में संतोष मेश्राम गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे बैहर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले 19 दिनों में जिले में बाघ के हमले की यह चौथी घटना है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।

लाठी से बाघ के सिर पर वार किया
घायल संतोष मेश्राम ने बताया कि वह जंगल से लगे अपने खेत पर गया था, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में उसके सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। उसे गर्दन में भी दर्द महसूस हो रहा है।संतोष ने बताया कि उसने अपनी लाठी से बाघ के सिर पर वार किया और शोर मचाया। आसपास के लोगों को दौड़ते देख बाघ जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद संतोष अपने घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसे तुरंत बैहर अस्पताल ले जाया गया।
हाथों पर बाघ के हमले के निशान
बैहर अस्पताल के डॉ. कौशल कुमार ने बताया कि संतोष के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं, जहां टांके लगाए गए हैं। उसके हाथों पर भी बाघ के हमले के निशान हैं। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है, लेकिन सिर में चोट के कारण उसे निगरानी में रखा गया है। न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की जांच के बाद ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।लेकिन अधिक खून बहने के कारण उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
खापा परिक्षेत्र में 28 बाघ है
इधर घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। इसके अलावा मुनादी कराकर खेत तरफ अकेले नहीं जाने की सलाह दी है। करेली, मालखेड़ी, परार्पुर सहित सात गांवों में भी 15 दिनों से बाघ की दहशत बनी है। करेली इन गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर है। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि खापा परिक्षेत्र में 21 गांव आते है, जो जंगल से लगे है और इस परिक्षेत्र में 28 बाघ है।
वन विभाग पर सवाल उठा
कान्हा से सटे करेली गांव में बाघ के हमले की यह पहली घटना है, लेकिन जिले में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। वे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और बाघों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।वन बाहुल्य बालाघाट जिले में कान्हा नेशनल पार्क से लगे ग्रामीण क्षेत्र में बाघ के हमले की 19 दिनो में यह चौथी घटना है, इससे पूर्व 2 अगस्त को पर्रापुर के बैगाटोला में घर में सो रही महिला सुगनीबाई पर बाघ ने हमला किया था। जिसमें महिला की मौत हो गई थी। जबकि दूसरी घटना 7 अगस्त की है। वहीं जिले के खैरलांजी में 10 अगस्त को जंगल की ओर मवेशी चराने गए देवकराम बाघमारे और दो मवेशियों पर बाघ ने हमला किया था। जिसमें बुजुर्ग देवकराम सहित मवेशियों की मौत हो गई थी।