केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बालाघाट में कांग्रेस का प्रदर्शन - rashtrmat.com

केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बालाघाट में कांग्रेस का प्रदर्शन

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। वारासिवनी में कांग्रेस विधायक विवेक पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ और महंगाई, रेत संकट, अधूरे पीएम आवासों और किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर 9 जून को विशाल आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान विधायक विवेक पटेल बैलगाड़ी पर सवार होकर रैली में शामिल हुए।जबकि किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने साइकिल, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के साथ प्रदर्शन में भाग लिया।

विशाल आक्रोश रैली निकाली गई,

आंदोलन की शुरुआत में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, किसान और युवा बड़ी संख्या में विधायक विवेक पटेल के जनसंपर्क कार्यालय पर एकत्रित हुए। इसके बाद वहां से एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौक पहुंची।
रेत ठेका बंद होने से परेशानियां बढ़ी
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि जिले में रेत की भारी किल्लत के कारण हजारों गरीब परिवारों के प्रधानमंत्री आवास और अन्य निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है,लेकिन जरूरतमंद हितग्राहियों को समय पर रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर रेत उपलब्ध कराई जाए ताकि वे बारिश से पहले अपने घरों का निर्माण पूरा कर सकें। विधायक ने आरोप लगाया कि रेत ठेका समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। इसके कारण आम नागरिकों को निर्माण कार्यों के लिए रेत नहीं मिल रही है।

 सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई

इस दौरान विधायक ने कहा कि किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और आम जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए ही कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। सत्ता पक्ष यह गलतफहमी निकाल दे कि विपक्ष कमजोर है। कांग्रेस इसी तरह सड़क पर उतरकर जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी और सोई हुई सरकार को जगाने का काम करेगी।

किसानों को मंहगे दर मिल रही खाद
विधायक पटेल ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों और केनों में डीजल.पेट्रोल देने पर रोक लगाए जाने से किसानों को खेती.किसानी के कार्यों में परेशानी हो रही है। खेतों में खड़े ट्रैक्टर,पंप और कृषि मशीनरी तक ईंधन पहुंचाना मुश्किल हो गया है।जिससे आगामी खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित होने की आशंका है।हमारे किसानों को मंहगे दामो में खाद मिल रही है। फसल की सिचांई करने के लिये नहर का पानी और पर्याप्त बिजली नही मिल रही है। सरकार ने जो वादा कियाए उसे भी सरकार ने पूरा नही किया है।