तमनार में कोयला खदान का विरोध; महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी,अर्धनग्न किया - rashtrmat.com

तमनार में कोयला खदान का विरोध; महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी,अर्धनग्न किया

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर/रायगढ़(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक में जेपीएल कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके पहले 27 दिसम्बर को एक महिला टीआई को लात मारने की घटना घट चुकी है। आज एक महिला आरक्षक को दौड़ा लिया गया। उसके कपड़े फाड़ने की घटना घटी। प्रदर्शनकारियों ने उसे आधा किमी तक दौड़ाया। जब वह खेत में गिर गई तो वर्दी फाड़.फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया। लगभग 14 गांवों के करीब 4 हजार लोगों के आंदोलन के बाद JPL प्रबंधन ने गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया।

Raigarh Tamnar Violence
अभ्रदता का वीडियो बनाया
महिला आरक्षक के साथ हुए अभद्रता का प्रदर्शनकारियों ने वीडियो भी बनाया। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 40 सेकेंड के इस वीडियो में महिला आरक्षक रो.रोकर प्रदर्शनकारियों को भाई बोलकर कहती है किए मुझे माफ कर दोए छोड़ दो। प्रदर्शनकारी कहते हैं कि क्या करने आई थी। चप्पल से मारूं अभी। चलो भाग जाओ यहां से। उसके बाद उसे छोड़कर लोग चले जाते हैं। मामले की जड़ 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई से जुड़ी है। JPL के गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि प्रस्तावित कोल ब्लॉक के लिए कराई गई जनसुनवाई निरस्त की जाए।
पुलिस के प्रति अविश्वास बढ़ा
वहीं कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के प्रति जनता का बढ़ता अविश्वास और आक्रोश बताया है। इससे पहले भी तमनारए, लोहारीडीह और बलौदाबाजार जैसी घटनाएं सामने आईं थीं।

बार-बार सड़क जाम की कोशिश

स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाइश देकर लोगों को धरनास्थल के टेंट में वापस भेजा। कुछ समय के लिए शांति रही, लेकिन तनाव बना रहा।जिला प्रशासन के अनुसार, आसपास के गांवों से और लोग पहुंचते गए। दोपहर तक भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास हो गई। घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी माइक से लगातार शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, पर भीड़ बार-बार सड़क जाम की कोशिश करती रही।

बैरिकेड तोड़े, पथराव और मारपीट

दोपहर करीब ढाई बजे हालात अचानक बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस पर जमकर पथराव हुआ। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ भी मारपीट की गई। कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

आगजनी से दहला इलाका

उग्र भीड़ ने पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद भीड़ जिंदल कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ी और वहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों में आग लगा दी। प्लांट कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।स्थिति संभालने के लिए लैलूंगा की विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव जारी रहा।

सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता

लगभग 14 गांवों के करीब 4 हजार लोगों के आंदोलन के बाद JPL प्रबंधन ने गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विरोध-प्रदर्शन की मर्यादा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।