राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में 1160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाला हो गया लेकिन जिले के एक भी विधायक ने विधान सभा में मामला उठाना जरूरी नहीं समझा। यह बात पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में कांग्रेस के चार विधायक होने के बाद भी सभी इस बड़े घोटाले पर चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाघाट और वारासिवनी के विधायक केवल औपचारिकता निभाने के लिए प्लांट का दौरा करके आ गए। जबकि विधानसभा में इस मुद्दे को उठाना चाहिए। सब की मिलीभगत है।1160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल का घोटाले में। पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं की और न ही किसी का नाम उजागर किया। जाहिर सी बात है कि पुलिस का सब पता है वो मामला को रफा दफा करने जांच का बहाना बना रही है।

कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर मिलीभगत
बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए फोर्टिफाइड चावल घोटाले पर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने अपनी ही विधायक पत्नी अनुभा मुंजारे सहित कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी दबाव में काम कर रही है। पुलिस बड़े रसूखदारों को बचाने के लिए मामले को छोटा दिखा रही है और फरार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
यह घोटाला 3 जून को तब सामने आया था जब छिंदवाड़ा जा रहे सरकारी चावल से भरे ट्रक को एक राइस मिल में पकड़ा गया था। पुलिस ने अब तक ट्रक ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी एथेनॉल प्लांट के मालिक पिता-पुत्र अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

नामों का खुलासा नहीं किया
बालाघाट में 1,160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। 13 से ज्यादा आरोपियों को नामजद कर लिया गया है। हालांकि कुछ नामों का खुलासा नहीं किया गया है। इसमें कई रसूखदार नाम भी शामिल है। एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की खरीद-बिक्री में करोड़ों रुपए का खेल चल रहा है।